बहरागोड़ा संवाददाता – (निलेश बेरा)
शनिवार को अवैध बालू कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। गुप्त सूचना पर बहरागोड़ा प्रखंड के गुहियापाल गांव के पास छापेमारी कर अंचलाधिकारी राजाराम सिंह मुंडा और थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा के संयुक्त नेतृत्व में लगभग 1600 सीएफटी अवैध बालू जब्त किया गया। इस मामले में बहरागोड़ा थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
प्रशासन को मिली जानकारी के मुताबिक, स्थानीय बालू माफिया एनजीटी की रोक के बावजूद स्वर्णरेखा नदी घाट से अवैध रूप से बालू का उत्खनन कर रहे थे। इन माफियाओं द्वारा सरकारी भूमि पर बालू का भंडारण किया जा रहा था। रात के अंधेरे में हाइवा ट्रकों में लोड कर बालू को जमशेदपुर और पश्चिम बंगाल भेजा जाता था। इसके बदले माफियाओं द्वारा ट्रक मालिकों से भारी रकम वसूली जाती थी।
सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क इतना संगठित है कि स्थानीय प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। सुरक्षित समय पर अवैध बालू लदे वाहन नेशनल हाईवे तक पहुंचाए जाते हैं और वहां से उन्हें उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया जाता है।
गौरतलब है कि एनजीटी द्वारा बालू उत्खनन पर रोक के बावजूद बालू माफिया बेखौफ होकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। जब्तगी की कार्रवाई के बाद ये कुछ समय तक शांत रहते हैं और फिर नए स्थानों पर अवैध कारोबार शुरू कर देते हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंच पाता है या फिर माफिया एक बार फिर नए ठिकानों पर सक्रिय हो जाएंगे।