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भूतिया पंचायत भवन में मानसी प्लस द्वारा प्रखंड स्तरीय पोषण माह कार्यक्रम आयोजित, बीडीओ ने दिखाई हरी झंडी

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बहरागोड़ा, संवाददाता (एन. बेरा)।
शुक्रवार को बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र के भूतिया पंचायत भवन में मानसी प्लस परियोजना की ओर से प्रखंड स्तरीय पोषण माह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा हरी झंडी दिखाकर पोषण रथ को रवाना करने के साथ हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया और सभी ने मिलकर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया।

मानसी प्लस की प्रखंड समन्वयक संजू कुमारी नंदी ने परियोजना के उद्देश्य और पोषण माह के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सितंबर माह भर राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जाता है। जब शिशु 6 माह का हो जाता है, तब उसे पूरक आहार के साथ स्तनपान कराना जरूरी है। कम से कम दो वर्ष तक स्तनपान जारी रहने से बच्चे की बढ़ती जरूरतें पूरी होती हैं और उसका संपूर्ण विकास संभव हो पाता है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों को संतुलित आहार में सभी आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। यही भोजन शरीर को ऊर्जा देने, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और बीमारियों से बचाने में मददगार साबित होता है। उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ्य और माहवारी के समय स्वच्छता पर भी विस्तार से चर्चा की।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उत्पल मुर्मू ने कहा कि नवजात शिशु के लिए मां का पहला दूध जीवन रक्षक टीके के समान है। मानसी प्लस के जिला समन्वयक ने बताया कि सामूहिक प्रयासों से ही कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण और शिशु मृत्यु दर में कमी संभव है। वहीं, डॉ. श्रद्धा सुमन षड़ंगी ने ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध मौसमी सब्जियों और पोषक आहार के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान पोषण अभियान पर आधारित वीडियो भी दिखाया गया। मानसी प्लस की ओर से मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों के हाथों से 26 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार, गोद भराई, हेल्दी बेबी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके साथ ही किशोरियों को सैनिटरी पैड और आयरन की गोलियाँ वितरित की गईं।

इस मौके पर भूतिया पंचायत के मुखिया विधान चंद्र मंडी, सेविका, सहिया, जलसहिया एवं मानसी प्लस टीम के सभी सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में स्थानीय समुदाय का भी सराहनीय योगदान रहा।