बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत भूतिया पंचायत को “मानसी प्लस” परियोजना के तहत आदर्श पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए मंगलवार को पंचायत भवन में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पंचायत मुखिया विधान चंद्र मंडी ने की।
बैठक में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई कि किस प्रकार पंचायत को आदर्श बनाया जा सकता है। मानसी प्लस प्रोजेक्ट के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर संजू नंदी ने बताया कि इस अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों, कर्मियों के साथ-साथ आम जनता की सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आदर्श पंचायत बनाने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती, शुद्ध पेयजल का उपयोग, सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना, बाल विवाह रोकना, कम उम्र में गर्भधारण से बचाव, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की देखभाल जैसे मुद्दों पर जागरूकता लाना जरूरी है।
मानसी प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि
पंचायत मुखिया विधान चंद्र मंडी ने जानकारी दी कि टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा संचालित मानसी प्रोजेक्ट (Maternal and Newborn Survival Initiative) मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत वर्ष 2009 में झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी, जिसमें 167 गांव शामिल थे।
वर्ष 2010 से 2016 तक चले पहले चरण में 199 सहिया जुड़ीं और उल्लेखनीय सफलता हासिल हुई।
2015 में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, 2011 के बेसलाइन इंडिकेटर की तुलना में नवजात मृत्यु दर (NMR) में 61%, शिशु मृत्यु दर (IMR) में 63% और बाल मृत्यु दर (CMR) में 54.9% की कमी दर्ज की गई।
वर्तमान में यह प्रोजेक्ट झारखंड के कोल्हान क्षेत्र और ओडिशा में 6000 सहिया के सहयोग से चल रहा है।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों और कर्मियों ने संकल्प लिया कि “सभी का साथ, सभी का सहयोग” के साथ मिलकर भूतिया पंचायत को आदर्श पंचायत बनाने के लिए कार्य करेंगे।
इस अवसर पर पंचायत की सेविकाएं, सहायिकाएं, एएनएम, सीएचओ, जलसहिया एवं अन्य ग्रामीण कार्यकर्ता मौजूद रहे।