चाकुलिया,पूर्वी सिंहभूम संवाददाता (रोहन सिंह) | चाकुलिया प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) से किताब और नोटबुक कबाड़ी को बेचने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मनोज कुमार एवं जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) आशीष पांडे चाकुलिया पहुंचे। उन्होंने डायट परिसर स्थित बीआरसी कार्यालय में बीआरसी कर्मियों से बंद कमरे में करीब दो घंटे तक पूछताछ की।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, बीपीओ तरुण गिरी, बीआरपी सत्यानंद प्रमाणिक सहित सात सीआरपी शामिल थे। अधिकारियों ने बीआरसी में मौजूद वर्ष 2025-26 के लिए प्राप्त किताबों और कॉपियों की स्टॉक रजिस्टरों की गहन जांच की।
बीआरसी कर्मियों ने क्या कहा?
पूछताछ के दौरान बीआरसी कर्मियों ने अधिकारियों को बताया कि किताबों का अधिकांश हिस्सा पहले ही विद्यालयों में वितरित किया जा चुका है। वहीं, जो नोटबुक व कॉपियों की आपूर्ति हाल में हुई है, उनका वितरण खेल प्रतियोगिताओं के संपन्न होने के बाद किया जाना था। हालांकि, मीडिया में खबर आने के बाद यह मामला अब संदेह के घेरे में आ गया है।
मीडिया को जानकारी देने से बचते रहे अधिकारी
बैठक के दौरान डायट परिसर में मीडिया कर्मियों को ना तो बैठक की तस्वीर लेने दी गई और ना ही किसी प्रकार की जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने पूछताछ के बाद चुपचाप चाकुलिया से जमशेदपुर लौटने का रास्ता पकड़ लिया। इससे साफ है कि शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि हाल ही में चाकुलिया बीआरसी से नोटबुक और किताबें चोरी कर कबाड़ी को बेचने का मामला सामने आया था। पुलिस ने इस मामले में बीआरसी के नाइट गार्ड सह आदेशपाल बापी दास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
आगे क्या?
अब सभी की नजर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी है। यदि जांच में बड़ी गड़बड़ी सामने आती है, तो कई और जिम्मेदार कर्मियों पर गाज गिर सकती है।