चाकुलिया, 29 जूनसंवाददाता (रोहन सिंह) :
बारिश की बूंदों के बीच जब श्रद्धा की लौ बुझने के बजाय और प्रखर हो जाए, तब समझिए कि आस्था सिर्फ विश्वास नहीं, परंपरा और समर्पण की पहचान है। ऐसा ही दृश्य रविवार को चाकुलिया प्रखंड की बड्डीकानपुर-कालापाथर पंचायत के जामीरा गांव में देखने को मिला, जहां झमाझम बारिश के बीच श्रद्धालुओं ने जामीरा पहाड़ की पारंपरिक पूजा पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न की।
वर्षा और समृद्धि के लिए होती है यह परंपरागत पूजा
स्थानीय मान्यता के अनुसार, जामीरा पहाड़ की पूजा वर्षा की कृपा और क्षेत्र की समृद्धि के लिए की जाती है। यह वर्षों पुरानी लोकपरंपरा है, जिसे ग्रामवासी पूरे उत्साह और श्रद्धा से निभाते हैं। पूजा के दिन सुबह से ही श्रद्धालु छाता लेकर डेढ़ किलोमीटर की पैदल यात्रा कर पहाड़ के समीप पहुंचे और भक्ति में लीन हो गए।
ग्राम प्रधान ने निभाई पुजारी की भूमिका
पूजा-अर्चना का नेतृत्व ग्राम प्रधान पिथो मुर्मू ने परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार किया। उन्होंने पूरे विधि-विधान से पूजन संपन्न कर क्षेत्र की शांति, खुशहाली और अच्छी वर्षा के लिए प्रार्थना की।
सामूहिक सहयोग से मिली सफलता
पूजा आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय युवाओं और ग्रामवासियों ने सक्रिय योगदान दिया। विशेष रूप से जितेन किस्कू, वर्षा किस्कू, युधिष्ठिर सोरेन, राजू हांसदा, रामदा हांसदा, लकी राम हांसदा, पिंटू मुर्मू, हिंदू मुर्मू और अजय पातर का योगदान सराहनीय रहा।
हाइलाइट्स:
- बारिश के बीच पारंपरिक जामीरा पहाड़ पूजा का आयोजन
- श्रद्धालुओं ने छाता लेकर पैदल तय किया डेढ़ किलोमीटर का सफर
- ग्राम प्रधान पिथो मुर्मू ने निभाई पुजारी की भूमिका
- 30 जून को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
- ग्रामवासियों और युवाओं के सहयोग से सफल रहा आयोजन
