चाकुलिया | AbuaKhabar.com विशेष रिपोर्ट संवाददाता (रोहन सिंह)
जब बहरागोड़ा अनुमंडल के चाकुलिया प्रखंड में भारी बारिश और बाढ़ के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, तब श्यामसुंदरपुर थाना की पुलिस टीम ने मानवीयता और तत्परता की एक मिसाल कायम की।
शनिवार देर रात कालियाम पंचायत के आखुआपाड़ा गांव में एक युवक बरियाल बास्के की तबीयत अचानक बिगड़ गई। गांव चारों ओर से पानी से घिरा हुआ था, पुलिया पर तेज बहाव था और किसी भी बाहरी वाहन का पहुंचना संभव नहीं था।
थाना प्रभारी सुनील भोक्ता की निगरानी में चला साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन
थाना प्रभारी सुनील भोक्ता ने परिस्थिति को समझते हुए तुरंत एक टीम गठित की और खुद ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। युवक को खटिया पर लिटाकर बाढ़ के पानी से बाहर निकाला गया और थाने की गाड़ी से केरूकोचा अस्पताल पहुंचाया गया।
थाना प्रभारी ने कहा:
“हमारा कर्तव्य सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं है, बल्कि संकट के समय लोगों की मदद करना भी है। हमें खुशी है कि समय रहते युवक को उपचार मिल सका।”
राहत नहीं, भरोसा लेकर आई पुलिस
इस बचाव कार्य ने एक बार फिर दिखा दिया कि झारखंड पुलिस न केवल कानून की रक्षक है, बल्कि आपदा में राहत और भरोसे की पहली आवाज़ भी बन चुकी है। जहां प्रशासन की पहुंच रुक जाती है, वहां स्थानीय पुलिस का मानवीय चेहरा सबसे पहले सामने आता है।
आगे भी जारी रहेगा सहयोग
श्यामसुंदरपुर थाना की टीम ने यह भी घोषणा की कि इलाके में जरूरतमंदों के लिए रात में चना और गुड़ का वितरण किया जाएगा ताकि तुरंत राहत और ऊर्जा लोगों को मिल सके।
जनता के साथ, हर मोर्चे पर
इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया कि पुलिस और जनता के बीच भरोसे का रिश्ता आपदा की घड़ी में और मजबूत होता है। श्यामसुंदरपुर थाना की यह पहल न केवल एक बीमार युवक की जान बचाने में सफल रही, बल्कि समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि को भी उजागर किया।