पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अग्नि सुरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया, जिसका उद्देश्य आगजनी की घटनाओं के दौरान त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देना, आम नागरिकों को तैयार करना और सुरक्षा उपायों की जानकारी देना रहा।
स्कूलों में दी गई व्यावहारिक जानकारी
अभियान के तहत लोयोला स्कूल (टेल्को) और केरल समाजम स्कूल (गोलमुरी) में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बचाव उपायों की जानकारी दी गई। फायर सेफ्टी एक्सपर्ट्स द्वारा छात्रों को फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का लाइव डेमो दिया गया और यह सिखाया गया कि कैसे किसी आपात स्थिति में प्राथमिक अग्निशमन किया जा सकता है। साथ ही एलपीजी रिसाव, शॉर्ट सर्किट और घरेलू आगजनी के मामलों में बरती जाने वाली सावधानियों पर भी जानकारी दी गई।
मॉल में मॉक ड्रिल, कर्मचारियों को किया गया प्रशिक्षित
नागरमल मॉल, साकची में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी मॉक ड्रिल आयोजित की गई जिसमें मॉल के सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान फायर इक्विपमेंट का उपयोग, आपात निकासी (Evacuation) प्रक्रिया और टीम वर्क को दर्शाया गया। मॉक ड्रिल के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी आग लगने की घटना के दौरान तुरंत और संगठित ढंग से रेस्क्यू कार्य किया जा सके।
उपायुक्त ने की जागरूकता बढ़ाने की अपील
जिले के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने इस अवसर पर कहा कि,
“अग्निकांड जैसी आपदाओं से जान-माल की रक्षा तभी संभव है जब हम पहले से प्रशिक्षित और सतर्क हों। इसी सोच के साथ जिले में लगातार फायर सेफ्टी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आम नागरिकों को भी इसमें भाग लेना चाहिए ताकि वे न केवल अपने लिए, बल्कि दूसरों के लिए भी मददगार साबित हो सकें।”
जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से बताया गया कि ऐसे सुरक्षा प्रशिक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि आमजन को जागरूक और तैयार रखा जा सके।