संवाददाता रोहन सिंह की रिपोर्ट
घाटशिला जमशेदपुर, 31 मई: घाटशिला के जिला परिषद सदस्य कर्ण सिंह को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की कथित साज़िश ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इस गंभीर मामले में निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग उठी है, साथ ही दोषी थाना प्रभारी को तत्काल बर्खास्त करने की पुरज़ोर अपील की गई है।
जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू और उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा के नेतृत्व में परिषद के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को उपायुक्त से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि स्थानीय थाना प्रभारी ने बिल्डर लॉबी के साथ मिलीभगत कर जनप्रतिनिधि के खिलाफ मनगढ़ंत एफआईआर दर्ज कराई और उन्हें जेल भिजवाया।
“जनप्रतिनिधियों के सम्मान पर हमला बर्दाश्त नहीं” — बारी मुर्मू
अध्यक्ष बारी मुर्मू ने कहा, “यह केवल कर्ण सिंह का मामला नहीं, बल्कि हर जनप्रतिनिधि की गरिमा पर हमला है। प्रशासन को जवाबदेह बनाना ज़रूरी है। अगर आज चुप रहे तो कल किसी और के साथ यही होगा।” उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से एकजुट होकर इस अन्याय के खिलाफ निर्णायक संघर्ष छेड़ने का आह्वान किया।
उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा ने भी स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो यह मुद्दा राज्यपाल और मुख्यमंत्री तक भी पहुंचाया जाएगा।
प्रभावशाली उपस्थिति
इस प्रतिनिधिमंडल में कविता परमार, पारितोष सिंह, कुसुम पूर्ति, सबिता सरदार, सोनमोनी सरदार, पार्वती मुंडा, धरित्री महतो, देवयानी मुर्मू, खगेंन महतो, पूर्णिमा मल्लिक और सुभाष सिंह जैसे कई प्रमुख जनप्रतिनिधि शामिल थे।
उपायुक्त ने दिलाया भरोसा
उपायुक्त ने प्रतिनिधियों की बात गंभीरता से सुनते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अब प्रशासनिक निर्णय की दिशा पर सभी की निगाहें टिकी हैं।