घाटशिला।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के दौरान प्रत्येक मतदान केंद्र को मॉडल बूथ के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी एश्योर्ड मिनिमम फैसिलिटी (AMF) उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
के. रवि कुमार शनिवार को घाटशिला अनुमंडल सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में 45–घाटशिला (अ.ज.जा.) विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उन्होंने सभी वरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्वाचन कार्य में जीरो एरर नीति के साथ कार्य करें।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदान प्रक्रिया से जुड़े प्रत्येक कार्य के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विस्तृत एसओपी (SOP) एवं मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। सभी पदाधिकारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन इन्हीं दिशा-निर्देशों के अनुरूप करें।
दिव्यांग एवं वरिष्ठ मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था
के. रवि कुमार ने बताया कि 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग मतदाता अथवा 85 वर्ष से अधिक आयु के इच्छुक मतदाता ECInet पोर्टल के ‘सक्षम ऐप’ या बीएलओ के माध्यम से अपनी इच्छा दर्ज कर घर से मतदान कर सकेंगे। वहीं, जो मतदाता मतदान केंद्र पर जाकर मतदान करना चाहते हैं, उनके लिए वाहन, व्हीलचेयर, रैंप, वॉलेंटियर एवं सहायक की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
ईवीएम पर नए बदलाव
उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए ईवीएम पर लगने वाले मतपत्र में सुधार किए हैं। अब ईवीएम पर उम्मीदवारों के रंगीन फोटो, नाम और क्रम संख्या बड़े अक्षरों में अंकित रहेंगे। यह कार्य आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाएगा।
सोशल मीडिया और आचार संहिता पर निगरानी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों पर विशेष नजर रखी जाए। इसके लिए संबंधित प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर उन्हें क्या करें और क्या न करें की स्पष्ट जानकारी दी जाए।
स्वीप कार्यक्रम से बढ़ेगा मतदान प्रतिशत
उन्होंने कहा कि स्वीप कार्यक्रम (SVEEP) का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को शिक्षित और प्रेरित करते हुए मतदान प्रतिशत बढ़ाना है। इसलिए पिछले चुनावों में कम मतदान वाले बूथों को चिन्हित कर विशेष अभियान चलाया जाए।
सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी
के. रवि कुमार ने लॉ एंड ऑर्डर की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी चेकपोस्टों की सख्त निगरानी की जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों, संदिग्ध पैसों के लेनदेन और आपराधिक गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में आईजी ऑपरेशन झारखंड माइकल राज, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम कर्ण सत्यार्थी, डीआईजी धनंजय कुमार, डीआईजी पुलिस मुख्यालय अश्विन कुमार, डीआईजी कोल्हान अनुरंजन किस्पोट्टा, एसएसपी पूर्वी सिंहभूम पीयूष पांडेय, ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, देव दास दत्ता सहित घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ, एईआरओ एवं जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।