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हजारीबाग जेल से फरार तीन बांग्लादेशी घुसपैठिए पश्चिम बंगाल सीमा से गिरफ्तार

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हजारीबाग (झारखंड), 10 जून 2025:
हजारीबाग ओपन जेल से फरार तीन बांग्लादेशी घुसपैठियों को पुलिस ने पश्चिम बंगाल की सीमा से धर दबोचा है। ये सभी विदेशी नागरिक देश में अवैध रूप से रह रहे थे और पूर्व में विभिन्न जेलों से हजारीबाग जेल में स्थानांतरित किए गए थे। इनकी गिरफ्तारी ने एक बार फिर जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छत की शीट हटाकर भागे थे बंदी, पुलिस ने दिखाई तत्परता
घटना शुक्रवार देर रात की है जब तीनों बंदी जेल की छत की एजबेस्टस शीट हटाकर फरार हो गए। जानकारी मिलते ही हजारीबाग पुलिस ने तत्काल एक विशेष अभियान चलाया और गुप्त सूचना के आधार पर तीनों को पश्चिम बंगाल सीमा से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान इस प्रकार है:

रीना खान उर्फ फिना देवी – गाजीपुर, बांग्लादेश की निवासी, जो 4 फरवरी 2022 को जामताड़ा जेल से हजारीबाग स्थानांतरित हुई थीं।

निपाह अख्तर उर्फ खुशी – चटगांव, बांग्लादेश की निवासी, जो 28 सितंबर 2024 को होटवार (रांची) जेल से हजारीबाग लाई गई थीं।

मोहम्मद नजमुल हंग – बागेरहाट, बांग्लादेश के निवासी, जो 1 मार्च 2025 को दुमका जेल से स्थानांतरित हुए थे।

ये सभी आरोपी गैरकानूनी रूप से भारत में प्रवेश करने के कारण निरुद्ध किए गए थे और फिलहाल डिटेंशन की अवधि में थे।

जेल प्रशासन की बड़ी चूक, उठे सवाल
एक ओपन जेल जैसी सुविधा में ऐसे खतरनाक और विदेशी बंदियों को रखने को लेकर अब जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। छत की अस्थायी शीट हटाकर कैदियों का फरार होना जेल की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस तरह की घटनाओं की सीधी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और जेल अधीक्षक पर होती है। जांच के बाद लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस ने तीनों को हजारीबाग लाने की प्रक्रिया शुरू की
तीनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच हजारीबाग लाया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि मामले की तह तक जाने के लिए आगे की पूछताछ और जांच जारी है।