हजारीबाग, 9 जून: झारखंड के जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा स्थित ओपन जेल से तीन बांग्लादेशी नागरिकों के फरार होने की खबर ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। फरार होने वालों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं, जिन्हें भारत में अवैध रूप से रहने के आरोप में डिटेंशन सेंटर में रखा गया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरार कैदियों की पहचान रीना खान उर्फ फिना देवी, निपाह अख्तर खुशी और मोहम्मद नजमूल हंग के रूप में हुई है। इनमें रीना खान को 4 फरवरी 2022 को जामताड़ा जेल से स्थानांतरित कर हजारीबाग लाया गया था, निपाह अख्तर को 28 सितंबर 2024 को रांची होटवार जेल से ट्रांसफर किया गया था और मोहम्मद नजमूल हंग को 1 मार्च 2025 को दुमका जेल से हजारीबाग भेजा गया था।
तीनों को बाद में हजारीबाग ओपन जेल परिसर में स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया था, जहां से वे रविवार देर रात या सोमवार सुबह फरार हो गए।
फरारी की सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने चप्पे-चप्पे पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। आसपास के थाना क्षेत्रों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और फरार कैदियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।
सूत्रों की मानें तो फरारी के पीछे किसी अंदरूनी मदद की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। जेल प्रशासन से इस घटना को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है।
यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि विदेशी कैदियों की निगरानी व्यवस्था की खामियों को भी उजागर करती है। प्रशासन इस घटना से सबक लेते हुए डिटेंशन सेंटर्स की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की तैयारी में है।