बहरागोड़ा। संवाददाता (बापुन):
एनजीटी की रोक के बावजूद बहरागोड़ा प्रखंड में अवैध बालू कारोबार धड़ल्ले से जारी है। मंगलवार देर शाम खनन विभाग की टीम ने बडशोल थाना क्षेत्र के पानीशोल मौजा में छापेमारी कर करीब 2600 सीएफटी अवैध बालू जब्त किया। यह कार्रवाई जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर की गई।
थाने से महज 1 किमी दूरी पर मिला भंडारण
खनन विभाग की टीम को अजंता होटल के पीछे, थाना से मात्र 1 किमी दूर भारी मात्रा में बालू का अवैध भंडारण मिला। थाने के नजदीक इतने बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार होने से स्थानीय लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी।
एक नामजद पर मामला दर्ज
इस मामले में घटबुड़ा गांव निवासी मानस माइती पर आरोप लगाते हुए बडशोल थाना में कांड संख्या 26/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बताया गया कि यह कारोबार संगठित तरीके से चलाया जाता था। स्वर्णरेखा नदी के पानीपड़ा घाट से दिन में ट्रैक्टरों से बालू निकालकर भंडारण किया जाता और फिर देर रात जेसीबी व हाईवा से पश्चिम बंगाल भेजा जाता था।
स्थानीय नेटवर्क का पर्दाफाश
जांच में खुलासा हुआ कि इस अवैध कारोबार में पानीपड़ा, नागुड़साई, बोरागाडिया, जगन्नाथपुर, माटिहाना, बहरागोड़ा और डमजूड़ी गांव के कई लोग शामिल हैं। ये लोग समूह बनाकर न केवल अवैध परिवहन करते थे, बल्कि देवी-देवताओं के नाम पर चंदा उगाही कर मोटी रकम भी वसूलते थे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गिरोह के सदस्य चौक-चौराहों पर मौजूद रहकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखते थे। साथ ही, व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए एक-दूसरे को सतर्क करते थे ताकि छापेमारी से पहले अलर्ट हो सकें।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
इस मामले ने साफ कर दिया है कि एनजीटी की रोक के बावजूद अवैध बालू खनन पूरी तरह थमा नहीं है। संगठित गिरोहों की सक्रियता प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस पर अंकुश लगाने के लिए आगे कौन से कड़े कदम उठाता है।