जमशेदपुर:देश के महान वीर योद्धा महाराणा प्रताप की 429वीं पुण्यतिथि के अवसर पर जमशेदपुर में श्रद्धा और सम्मान का भाव देखने को मिला। इस मौके पर साकची स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थल पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।कार्यक्रम में झारखंड क्षत्रिय संघ के पदाधिकारी, समाज के गणमान्य लोग एवं युवाओं ने सहभागिता की। सभी ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, बलिदान और स्वाभिमान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।झारखंड क्षत्रिय संघ के अध्यक्ष शंभु सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की। उन्होंने घास की रोटी खाकर जीवन व्यतीत किया, लेकिन स्वाभिमान और स्वतंत्रता से कभी समझौता नहीं किया। उनका संघर्ष और जीवन दर्शन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को महाराणा प्रताप के त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया गया, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।