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झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से शुरू, ‘किसान सत्र’ के रूप में होगा आयोजन – शांतिपूर्ण संचालन पर सहमति

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रांची – झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से 7 अगस्त तक आयोजित होगा, जिसे इस बार ‘किसान सत्र’ के रूप में मनाया जाएगा। सत्र की तैयारियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो की अध्यक्षता में मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने सत्र के शांतिपूर्ण संचालन के लिए सकारात्मक सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, आजसू पार्टी के तिवारी महतो, लोजपा के जनार्दन पासवान, भाकपा (माले) के अरूप चटर्जी समेत कई प्रमुख दलों के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जैसे राज्य में इस बार अच्छी मानसून हुई है, वैसा ही शांतिपूर्ण और सार्थक सत्र की उम्मीद भी है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस सत्र को ‘किसान सत्र’ के रूप में आयोजित किया जाए, ताकि किसानों से जुड़े मुद्दों—जैसे फसल नुकसान, ग्रामीण सड़कें, जलभराव और मकानों को हुए नुकसान—पर विस्तार से चर्चा की जा सके। इसके लिए 6 अगस्त को विशेष चर्चा का दिन तय किया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर भी सदन में व्यापक बहस होनी चाहिए। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के संरक्षक शिबू सोरेन (गुरुजी) के स्वास्थ्य पर जानकारी देते हुए बताया कि वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं और अब बेहतर स्थिति में हैं।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सत्र की सीमित अवधि पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सिर्फ पांच कार्यदिवसों में सभी गंभीर मुद्दों पर चर्चा कर पाना चुनौतीपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल की बैठक बुधवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित की जाएगी, जहां आगामी सत्र की रणनीति तय की जाएगी।

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया कि सरकार हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है और किसानों से जुड़े मसलों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इस सर्वदलीय बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष का सहयोगात्मक रवैया देखे जाने से संकेत मिलते हैं कि मानसून सत्र इस बार अपेक्षाकृत अधिक रचनात्मक और जनहितकारी हो सकता है।