जमशेदपुर | संवाददाता
पूर्वी सिंहभूम जिले में जेएसएलपीएस (पलाश) कर्मियों ने अपनी पांच सूत्री लंबित मांगों को लेकर शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी। झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी जमशेदपुर के जिला कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। हड़ताल का असर ग्रामीण स्तर पर चल रही कई आजीविका, महिला सशक्तिकरण और विकास योजनाओं पर पड़ा है, जिससे कार्य पूरी तरह बाधित हो गया है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
संघ के जिलाध्यक्ष तुलसी मुर्मू ने बताया कि संगठन की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
जेएसएलपीएस के सोसाइटी एक्ट को समाप्त कर कर्मचारियों को राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाए।
एनएमएमयू नीति को तुरंत लागू किया जाए।
प्रखंड स्तरीय एल-जेएसएलपीएस (पलाश) कर्मियों और एल-7 व एल-8 श्रेणी के कर्मचारियों को अनुभव के आधार पर पदोन्नति दी जाए।
राज्य कर्मियों की तर्ज पर 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
एल-7 और एल-8 के कर्मियों की गृह जिले के निकट प्रखंडों में पदस्थापना की नीति लागू की जाए।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि कई वर्षों से प्रतीक्षा और सरकार को समय देने के बावजूद आज तक किसी भी मांग पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। मजबूर होकर कर्मचारियों को हड़ताल पर जाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
कर्मचारियों ने सरकार पर की उपेक्षा की शिकायत
कर्मचारी मंजूरी माईति ने कहा कि पलाश (जेएसएलपीएस) के कर्मी राज्य के ग्रामीण इलाकों में आजीविका संवर्धन, महिला समूहों के सशक्तिकरण और योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसके बावजूद उन्हें उचित मानदेय, सुविधाएं और पदोन्नति से वंचित रखा जा रहा है, जो कर्मियों के साथ सीधा अन्याय है।
भारी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद
धरना-स्थल पर जिला अध्यक्ष तुलसी मुर्मू, चित्रसेन भक्त, उत्तम सिन्हा, प्राणगोपाल मंडल, शिब दास घोष, प्रमोद कुमार, नियाज़ अहमद, सुधाकर प्रकाश, निखिल महतो, सुभेंदु मंडल, सिद्धेश्वर सुंडी, आनंद सिन्हा, मंजुरी माईति, बिनय दे समेत जिले के एल-5 से एल-8 तक के सभी जेएसएलपीएस कर्मी उपस्थित रहे।