जमशेदपुर | अबुआ खबर डेस्क
झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को चौथे दिन भी जारी रही। जिला कार्यालय के समीप झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ के बैनर तले 66 से अधिक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। लगातार जारी हड़ताल के कारण महिलाओं, गरीबों और वंचित समुदायों के लिए संचालित कई योजनाओं का काम पूरी तरह ठप पड़ गया है।
एक माह बाद भी वादे अधूरे, कर्मचारियों में नाराज़गी
कर्मचारियों ने बताया कि अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर उन्होंने 7 और 8 अक्टूबर को रांची स्थित राज्य कार्यालय में भी प्रदर्शन किया था। उस दौरान जेएसएलपीएस जिला अध्यक्ष तुलसी मुर्मू ने सभी मांगों के समाधान का आश्वासन एक माह के भीतर देने की बात कही थी। लेकिन समय सीमा बीतने के बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने पर कर्मचारी पुनः हड़ताल पर उतर आए।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मियों ने जिला कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर इन महत्वपूर्ण मांगों को तुरंत लागू करने की मांग की—
वेतनमान के लिए एनएमएमयू पॉलिसी का कार्यान्वयन
जेएसएलपीएस कर्मियों को राज्य कर्मी का दर्जा
सेवा स्थाईकरण
वेतनमान में हर वर्ष 10% इन्क्रीमेंट
गृह जिला में पदस्थापना/वापसी
अन्य कल्याणकारी सुविधाएँ
हड़ताल से योजनाओं पर बड़ा असर
कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से जिला स्तर पर चल रही कई योजनाओं में बाधा उत्पन्न हो गई है।
प्रभावित योजनाओं में शामिल हैं—
सरकार आपके द्वार कार्यक्रम
बैंक लिंकेज एवं मुद्रा लोन प्रक्रियाएँ
यूथ मोबिलाइजेशन कार्यक्रम
फूलो-झानो आशीर्वाद योजना
अजीविका एवं सामाजिक विकास से जुड़े प्रोजेक्ट
ग्राम संगठन, सीएलएफ और स्वयं सहायता समूहों के दैनिक संचालन पर भी सीधा असर पड़ा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियाँ प्रभावित हुई हैं।
नेताओं और कर्मचारियों की मौजूदगी
धरना स्थल पर जिला अध्यक्ष तुलसी मुर्मू, चित्रसेन भक्त, उत्तम सिन्हा, प्राणगोपाल मंडल, शिबदास घोष, प्रमोद कुमार, नियाज़ अहमद, सुधाकर प्रकाश, निखिल महतो, सुभेंदु मंडल, सिद्धेश्वर सुंडी, आनंद सिन्हा, मंजुरी माइति, बिनय दे सहित एल-5 से एल-8 स्तर तक के सभी जेएसएलपीएस कर्मी उपस्थित रहे।