जमशेदपुर, झारखंड।
आजादी की लड़ाई के सबसे कम उम्र के शहीदों में गिने जाने वाले खुदीराम बोस की 117वीं शहादत जयंती आज मानगो दुर्गाबाड़ी परिसर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस कार्यक्रम का आयोजन झारखंड बांग्लाभाषी उन्नयन समिति के नेतृत्व में किया गया।
शहीद को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत खुदीराम बोस के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। वक्ताओं ने उनके साहसिक बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
“खुदीराम बोस अमर रहें” और “हम आपको नहीं भूले हैं – हम आपको नहीं भूलेंगे” जैसे नारों से परिसर गूंज उठा। जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों से जुटे सामाजिक कार्यकर्ताओं और समिति के सदस्यों ने देशभक्ति और बलिदान के मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।
फ्लाईओवर को शहीद के नाम पर करने की मांग
इस अवसर पर समिति ने मांग की कि मानगो क्षेत्र में बन रहे नए फ्लाईओवर का नाम शहीद खुदीराम बोस के नाम पर रखा जाए। इस संदर्भ में एक मांगपत्र मानगो नगर निगम कार्यालय में नगर आयुक्त को सौंपा गया।
समिति ने जानकारी दी कि यह मांगपत्र शीघ्र ही झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री को भी सौंपा जाएगा, ताकि इस ऐतिहासिक वीर को यथोचित सम्मान मिल सके।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे शामिल
इस आयोजन में बड़ी संख्या में समाजसेवी, बुद्धिजीवी और क्षेत्रीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रमुख उपस्थितजनों में शामिल थे:
देबजीत मुखर्जी, असित भट्टाचार्य, जहर रक्षित, शिवनाथ पाल, तरूण दे, असित चक्रवर्ती, अमिय ओझा, रंजीत आईच, प्रणब विकाश धर, भोला गोस्वामी, बिस्वजीत चक्रवर्ती, प्रेमरंजन बिस्वास, पियूष पाल, संजीव आचार्य, प्रणब दास, अनंत कुंडू, बापान घोष, सोमनाथ घोष, प्रदीप प्रामाणिक, तरूण होर, संजीव पात्र, बच्चू कर्मकार, कमल चक्रवर्ती, कौस्तव राय और अन्य सम्मानित सदस्य।