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बहरागोड़ा में राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, छात्रों और समाजसेवियों ने बढ़ाया सहभाग

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बहरागोड़ा। संवाददाता

बहरागोड़ा प्रखंड के जवाहर नवोदय विद्यालय में बुधवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके मौलिक अधिकारों, मानवीय मूल्यों और वैश्विक मानवाधिकार प्रणाली से परिचित कराना था।
शिक्षकों ने छात्रों को बताया कि मानवाधिकार हर इंसान को केवल “मानव” होने के नाते प्राप्त होते हैं और इन्हें किसी भी परिस्थिति में छीन नहीं जा सकता।

इस अवसर पर विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने पोस्टर, स्लोगन, मॉडल और प्रतीकात्मक वस्तुओं के माध्यम से अपनी सोच व्यक्त की।
छात्रों की प्रस्तुतियों में विशेष रूप से इन मुद्दों को शामिल किया गया—

  • अभिव्यक्ति और विचार रखने की स्वतंत्रता
  • हर नागरिक के लिए शिक्षा का समान अधिकार
  • पुरुष और महिला के बीच बराबरी
  • बच्चों के अधिकार
  • समाज में न्याय और समानता

विद्यालय के प्राचार्य डॉ. जनार्दन सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जागरूकता और नैतिक जिम्मेदारी बढ़ाते हैं।
कार्यक्रम का संचालन स्वाति सुचरिता सामल शर्मा ने किया।
इस दौरान मुकेश कुमार, प्रवीण कुमार, सुजाता महंता, कृष्णा विश्वास, प्रिया प्रियदर्शनी, स्वीटी शामल, आकांक्षा सिंह, सीमा कुमारी, ब्यूटी साइकिया और अप्सरा बाला सहित स्टाफ के कई सदस्य उपस्थित रहे।

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षाड़ंगी ने भी मनाया मानवाधिकार दिवस, समाजसेवियों का किया सम्मान

महापुरुषों को नमन कर की गई शुरुआत

राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षाड़ंगी के आवासीय कार्यालय में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस मौके पर उन्होंने महान व्यक्तित्वों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

डॉ. षाड़ंगी ने सामाजिक सरोकारों में सक्रिय योगदान देने वाले पत्रकारों और समाजसेवियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मीडिया और समाजसेवी संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

अपने संबोधन में डॉ. षाड़ंगी ने कहा कि मानवाधिकार हर व्यक्ति को उसके जन्म के साथ ही मिल जाते हैं।
उन्होंने बताया कि—

  • ये अधिकार जाति, धर्म, भाषा, समुदाय या भौगोलिक स्थिति पर आधारित नहीं होते।
  • इनमें जीवन, स्वतंत्रता, शिक्षा, सम्मान और दासता से मुक्ति जैसे मूल अधिकार शामिल हैं।
  • इन अधिकारों की रक्षा करना हर देश की जिम्मेदारी है।

उन्होंने यह भी बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय ढांचा तैयार किया है जिसके आधार पर दुनिया के सभी देश इन्हें लागू करते हैं।

कार्यक्रम में बहरागोड़ा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बालकृष्ण बेहरा, डीएवी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य मुकेश कुमार, तथा क्षेत्र के कई प्रमुख पत्रकार और समाजसेवी—
सानी बाला, इला पाल, वासुदेव करण, हिमांशु करण, जवाहरलाल पैड़ा, निलेश बेरा, गौरव पाल, शाहिल अनसारी और रवि बारिक—उपस्थित रहे।
सभी ने मानवाधिकारों की सुरक्षा और उसके प्रति जागरूकता फैलाने के संकल्प को दोहराया।