जमशेदपुर।
मिथिला सांस्कृतिक परिषद, जमशेदपुर की ओर से भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को मैथिली भाषा को दिए गए सम्मान के लिए धन्यवाद ज्ञापन पत्र प्रेषित किया गया है। परिषद ने इसे मैथिली भाषा और संस्कृति के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है।
संविधान दिवस पर मैथिली को मिला राष्ट्रीय सम्मान
परिषद ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 26 नवंबर 2024 को संविधान दिवस के अवसर पर भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल मैथिली भाषा के गौरव को राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से देशभर में निवास करने वाले मैथिली समाज के लोगों में गर्व और उत्साह का माहौल व्याप्त है।
खुशी में बांटे गए लड्डू
मैथिली भाषा को मिले इस सम्मान की खुशी में मिथिला सांस्कृतिक परिषद के सदस्यों ने आम लोगों के बीच लड्डू बांटकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। परिषद ने कहा कि यह सम्मान केवल भाषा का नहीं, बल्कि मैथिली संस्कृति और पहचान का सम्मान है।
विद्यापति की भाषा है मैथिली
परिषद ने यह भी बताया कि मैथिली भाषा महान कवि विद्यापति की भाषा रही है, जिसकी साहित्यिक परंपरा अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रही है। मैथिली भाषा ने सदियों से भारतीय साहित्य और संस्कृति को समृद्ध किया है।
2003 में मिली संवैधानिक मान्यता
गौरतलब है कि वर्ष 2003 में मैथिली भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था, जिससे इसे आधिकारिक पहचान प्राप्त हुई। परिषद ने विश्वास जताया कि भविष्य में मैथिली भाषा को और अधिक संरक्षण एवं प्रोत्साहन मिलेगा।