जमशेदपुर : पोटका प्रखंड के कालिकापुर गांव के रहने वाले भीम सेन भक्त गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में भर्ती कराया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
अस्पताल की ओर से इलाज का कुल बिल ₹2,29,661 बनाया गया, जिसमें से परिवार आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद केवल ₹1,07,500 ही जमा कर पाया। शेष ₹1,22,161 रुपये का भुगतान करने में असमर्थता के कारण अस्पताल प्रशासन शव देने की स्थिति में नहीं था, जिसके चलते परिवार बेहद कठिन परिस्थिति में फंस गया।
विधायक संजीव सरदार ने लिया तुरंत संज्ञान, अस्पताल से बात कर दिलवाई राहत
परिवार की समस्या की जानकारी मिलते ही पोटका विधायक संजीव सरदार तुरंत हरकत में आए। उन्होंने तत्काल टीएमएच प्रबंधन से संपर्क कर मामला विस्तार से समझा और मानवीय आधार पर अवशेष राशि माफ करने का अनुरोध रखा।
विधायक की सक्रिय पहल, संवेदनशीलता और लगातार संवाद के बाद अस्पताल प्रशासन ने गरीब परिवार की मजबूरी को देखते हुए पूरा ₹1,22,161 का बकाया शुल्क माफ कर दिया।
बिल माफ होते ही परिवार को सौंपा गया शव, संकट की घड़ी में मिली राहत
शेष राशि माफ होने के बाद अस्पताल ने मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया। इस निर्णय ने शोकग्रस्त परिवार को बड़ी राहत दी, जो बढ़ते बिल के कारण असमंजस और मानसिक दबाव में था।
परिजनों ने विधायक संजीव सरदार के प्रति कृतज्ञता जताते हुए कहा कि—
“उन्होंने जिस संवेदना और तत्परता से मदद की, वह एक जनप्रतिनिधि के जिम्मेदारी निभाने की मिसाल है। कठिन समय में उन्होंने परिवार का हाथ थामा और संकटमोचक बनकर सामने आए।”