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रांची | अबुआ खबर डेस्क : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत लाभुकों तक अनाज वितरण को और अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित बनाने के लिए रांची जिला प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। मंगलवार को उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने समाहरणालय सभागार में रांची शहरी क्षेत्र के दस राशन डीलरों को अत्याधुनिक 4G ई-पोएस मशीनें सौंपीं। इस मौके पर विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी मोनी कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी राम गोपाल पांडेय, जिला जन संपर्क पदाधिकारी और संबंधित डीलर मौजूद थे।
राशन वितरण व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव
उपायुक्त ने बताया कि नई मशीनों का उद्देश्य लाभुकों तक तेज, सुरक्षित और त्रुटिरहित तरीके से अनाज पहुँचाना है। इन 4G ई-पोएस मशीनों में आधार प्रमाणीकरण, रियल-टाइम ट्रांजेक्शन अपडेट, और स्टॉक मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं हैं।
इस तकनीकी सुधार के माध्यम से फर्जीवाड़ा, अनियमित वितरण और अनाज की चोरी की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि आने वाले समय में जिले के सभी शहरी और ग्रामीण डीलरों को इस प्रकार की आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि नेटवर्क या तकनीकी बाधा के कारण लाभुकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी राशन वितरण निरंतर
नई ई-पोएस मशीनों की सबसे खास विशेषता यह है कि ये ऑफलाइन मोड में भी काम कर सकती हैं। इसका मतलब है कि जिन इलाकों में मोबाइल नेटवर्क कमजोर रहता है, वहां भी राशन वितरण सुचारू रूप से होगा।
हर मशीन में बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट प्रमाणीकरण शामिल है, जो लाभुकों की पहचान को और अधिक सुरक्षित और प्रमाणिक बनाता है।
रियल-टाइम डेटा से बढ़ेगी पारदर्शिता और निगरानी
इन मशीनों से होने वाले सभी लेन-देन का डेटा सीधे पोर्टल पर रियल-टाइम में अपलोड होगा। इससे जिला प्रशासन को वितरण प्रक्रिया की निगरानी में आसानी होगी और किसी भी गड़बड़ी या अनियमितता की स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
उपायुक्त ने डीलरों से अपील की कि वे नई मशीनों का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और लाभुकों को समय पर गुणवत्तायुक्त अनाज उपलब्ध कराएँ।
तकनीकी समस्याओं का भी समाधान
पहले उपयोग में आने वाली ई-पोएस मशीनों में नेटवर्क या सॉफ्टवेयर से जुड़ी कई दिक्कतें आती थीं, जिससे लाभुकों को परेशानी होती थी। नई 4G ई-पोएस मशीनें इन समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करती हैं।
जिला प्रशासन का मानना है कि इस पहल से वितरण प्रणाली और अधिक तेज, भरोसेमंद और सुरक्षित बनेगी। किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में लाभुक और डीलर सीधे जिला आपूर्ति कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
लाभुकों पर पड़ेगा सकारात्मक असर
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीकी सुधार से लाभुकों को समय पर, सटीक और प्रमाणिक राशन मिलेगा। साथ ही यह पहल फर्जीवाड़े और अनियमितताओं को लगभग समाप्त कर देगी, जिससे NFSA के लक्ष्य — गरीब और जरूरतमंद तक सही समय पर पोषण और अनाज पहुंचाना — और साकार होंगे।
रांची जिला प्रशासन की यह पहल राज्य की राशन वितरण प्रणाली को मॉडर्न, डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।