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रांची में फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़: लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस और रांची पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, तीन गिरफ्तार

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रांची। संवाददाता

देश में बेरोजगारी के बढ़ते संकट का फायदा उठाकर ठग गिरोह सक्रिय हो गए हैं, जो युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर बड़ी ठगी कर रहे हैं। रांची में ऐसा ही एक गिरोह लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस और रांची पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया।

इस कार्रवाई में गिरोह के तीन आरोपियों — चंदन कुमार सिंह, गौतम कुमार और विनोद कुमार — को गिरफ्तार किया गया।

गिरोह की कार्यप्रणाली

पुलिस के अनुसार यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को आर्मी (MES), रेलवे और अन्य केंद्रीय विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर भारी रकम वसूलता था। आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र, इंटरव्यू कॉल लेटर और अन्य दस्तावेज तैयार कर युवाओं का भरोसा जीतने का काम किया।

लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस को जब जानकारी मिली कि रैकेट रांची से संचालित हो रहा है, तब रांची पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त छापेमारी की गई।

बड़ी ठगी का खुलासा

जांच में पता चला कि गिरोह ने रांची के बरियातू निवासी अभिषेक कुमार से 37 लाख रुपये की ठगी की थी। अब तक की जांच में लगभग 1.2 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के पास से नकली दस्तावेज, मोबाइल फोन और वित्तीय लेन-देन के सबूत बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने कई युवाओं से विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर रकम वसूलने की बात स्वीकार की।

पुलिस की चेतावनी

रांची पुलिस ने बेरोजगार युवाओं से अपील की है कि किसी भी लालच में न पड़ें और केवल स्वयं की मेहनत और योग्यतानुसार प्रयास करें। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।

📍 प्रमुख जानकारी

जानकारी विवरण

🔹 स्थान रांची, झारखंड
🔹 गिरफ्तारी चंदन कुमार सिंह, गौतम कुमार, विनोद कुमार
🔹 ठगी का आकार लगभग 1.2 करोड़ रुपये
🔹 बरामद सामग्री नकली दस्तावेज, मोबाइल, वित्तीय लेन-देन के प्रमाण
🔹 संयुक्त कार्रवाई लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस + रांची पुलिस