नेमरा (झारखंड): झारखंड आंदोलन के जनक, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक और संघर्ष के पुरोधा दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर है। उनकी अंतिम यात्रा के बाद, आज उनके पैतृक गांव नेमरा में श्राद्ध कर्म का कार्य चल रहा है । इस अवसर पर बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती ने नेमरा पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की और शोक संवेदना प्रकट की।
विधायक समीर मोहंती ने कहा कि “गुरुजी का इस तरह अचानक जाना झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने सिर्फ एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक जननायक और अभिभावक के रूप में राज्य का मार्गदर्शन किया।”
उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी आज पुत्र धर्म और राज्य धर्म, दोनों का जिम्मेदारी से निर्वहन कर रहे हैं। वे अपने पिता की विरासत को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।”
दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जीवन झारखंड के आदिवासी समुदाय और वंचित वर्गों के संघर्षों को स्वर देने वाला रहा है। उनके द्वारा देखे गए सपनों को साकार करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
विधायक समीर मोहंती ने ईश्वर से प्रार्थना की कि गुरुजी की आत्मा को शांति प्रदान हो और झारखंड के लोग उनके दिखाए मार्ग पर चलकर एक समृद्ध राज्य का निर्माण करें।