रामगढ़/नेमरा (झारखंड):
झारखंड के दिशोम गुरु और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के पारंपरिक श्राद्ध कर्म का आयोजन उनके पैतृक निवास नेमरा (रामगढ़ जिला) में पूर्ण आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर उनके पुत्र और राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ‘तीन कर्म’ की परंपरा का पालन करते हुए एक आदर्श पुत्र की भूमिका निभाई।
इस आयोजन में हेमंत सोरेन सिर्फ एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि एक भावुक पुत्र के रूप में दिखाई दिए। पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए वे पूरी तरह भावनात्मक रूप से जुड़े नजर आए।
इस मौके पर पूरे सोरेन परिवार की उपस्थिति ने पारिवारिक एकता का प्रतीक प्रस्तुत किया। खास बात यह रही कि लंबे समय से पार्टी और परिवार से दूरी बनाए रखने वाली सीता सोरेन भी इस अवसर पर शामिल हुईं। राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर सीता सोरेन की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि विपत्ति की घड़ी में परिवार अपने मूल मूल्यों के साथ एकजुट होता है।
ज्ञात हो कि पूर्व में सीता सोरेन ने चुनावी मंचों से सोरेन परिवार और पार्टी पर कई तीखे आरोप लगाए थे। लेकिन इस शोक और श्रद्धा के अवसर पर उनकी उपस्थिति ने भावनात्मक सौहार्द और पारिवारिक जुड़ाव का परिचय दिया।
यह क्षण न केवल परिवार के लिए, बल्कि झारखंड की राजनीति के लिए भी एक मार्मिक और प्रेरणादायक तस्वीर प्रस्तुत करता है, जिसमें रिश्तों की गरिमा और परंपराओं का सम्मान स्पष्ट रूप से झलकता है।