चाईबासा: सारंडा वन क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य (सेंचुरी) घोषित करने के प्रस्ताव के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों ने मंगलवार को जोरदार विरोध जताया। विभिन्न गांवों के सैकड़ों लोग बैनर और तख्तियों के साथ सड़क पर उतरकर आक्रोश रैली निकालते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सारंडा वन सेंचुरी बन गया, तो उनकी आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न होगा और परंपरागत अधिकार समाप्त हो जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल प्रस्ताव वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी बात नहीं मानी गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
ग्रामीणों की रैली शांतिपूर्ण रही, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी हाल में अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे।