बहरागोड़ा (झारखंड), 6 अगस्त 2025
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर है। इसी बीच बहरागोड़ा के विधायक समीर मोहंती ने भारत सरकार से एक भावनात्मक अपील की है — शिबू सोरेन को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।
🔹 सोशल मीडिया के माध्यम से उठी आवाज़
विधायक समीर मोहंती ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पूर्व में (ट्विटर )से एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा:
“गुरुजी को भारत रत्न मिले — यही हम सबकी आवाज़ है। दिशोम गुरु शिबू सोरेन सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि पूरे झारखंड और देश के आदिवासी समाज की आत्मा थे। उन्होंने जीवन भर जल, जंगल, जमीन और अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष किया। भारत रत्न उनके त्याग और विरासत को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
🔹 कौन थे दिशोम गुरु शिबू सोरेन?
शिबू सोरेन झारखंड के उन नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने आदिवासी अस्मिता, अधिकार और संस्कृति की रक्षा के लिए पूरी जिंदगी समर्पित कर दी। वे झारखंड आंदोलन के स्तंभों में से एक थे और तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री भी रहे। उन्हें “दिशोम गुरु” की उपाधि उनके संघर्ष और आदिवासी समाज के प्रति समर्पण के लिए दी गई थी।
उनकी राजनीतिक यात्रा लोकसभा, राज्यसभा और केंद्र सरकार में मंत्री पद तक पहुंची, लेकिन उन्होंने हमेशा झारखंड और आदिवासी अधिकारों को प्राथमिकता दी।