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रांची में निर्माण की नई मिसाल: बिना ईंट-बालू और सीमेंट के बन रही 5 मंजिला बिल्डिंग,

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रांची में निर्माण की नई मिसाल: बिना ईंट-बालू और सीमेंट के बन रही 5 मंजिला बिल्डिंग, तैयार हो रहा फोर स्टार होटल6 महीने में होगा निर्माण पूरा, पर्यावरण के अनुकूल है यह तकनीक

रांची, झारखंड: राजधानी रांची के मोराबादी क्षेत्र में एक अनोखा और तकनीकी दृष्टिकोण से बेहद उन्नत निर्माण कार्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां एक ऐसी पांच मंजिला इमारत बनाई जा रही है जिसमें पारंपरिक भवन निर्माण सामग्रियों – जैसे ईंट, बालू और पत्थर – का इस्तेमाल नहीं किया गया है। सीमित मात्रा में सीमेंट का प्रयोग करते हुए, यह भवन पूरी तरह से स्टील फ्रेमिंग, लोहे के बीम, खंभों, नट-बोल्ट और मॉड्यूलर कंपोनेंट्स की मदद से खड़ा किया जा रहा है।

इस हाईटेक बिल्डिंग को एक फोर स्टार होटल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका निर्माण महज़ 6 से 7 महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। इसकी तुलना में पारंपरिक निर्माण पद्धति से इसी आकार की इमारत को तैयार करने में आमतौर पर 2 से 2.5 साल लगते हैं।

मोबाइल और रिसेलेबल बिल्डिंग की खासियतें:

निर्माण कार्य का नेतृत्व कर रहे इंजीनियर मोहम्मद मकसूद आलम ने बताया कि यह तकनीक न केवल पर्यावरण अनुकूल है, बल्कि इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी मोबिलिटी है। यानी इस इमारत को भविष्य में एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है। इसके अलावा, इसकी रीसेल वैल्यू भी बनी रहती है, जिससे यह निवेश के नजरिए से भी फायदेमंद है।

होटल का स्वरूप:

  • बेसमेंट: विशाल बैंक्वेट हॉल
  • पहला फ्लोर: कॉन्फ्रेंस और मीटिंग हॉल
  • ऊपरी तीन मंजिलें: लक्ज़री गेस्ट रूम्स

लागत और समय का संतुलन:

हालांकि इस तकनीक से निर्माण में पारंपरिक विधि की तुलना में लगभग 20% अधिक लागत आती है, लेकिन निर्माण समय की भारी बचत इसे व्यावसायिक रूप से अधिक लाभकारी बनाती है। यह तकनीक विशेष रूप से उन परियोजनाओं के लिए आदर्श है, जहां तेजी से निर्माण और उच्च टिकाऊपन की आवश्यकता होती है।

रांची में पहली बार हो रहा ऐसा प्रयोग:

देश के कुछ महानगरों और विदेशों में पहले ही इस तकनीक का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया गया है, लेकिन झारखंड में यह अपनी तरह का पहला प्रयोग है। यह पहल रांची के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है, जो आने वाले समय में स्मार्ट निर्माण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में अहम योगदान देगी।