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खंडामौदा में उत्कल मणि पंडित गोपाबंधु दास की 97वीं पुण्यतिथि मनाई गई, मूर्ति पर पुष्प अर्पण कर दी गई श्रद्धांजलि

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गोपबंधु मूर्ति स्थापना समिति और ग्रामीणों ने माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि, वक्ताओं ने समाज सेवा में उनके योगदान को किया याद

बहरागोड़ा संवाददाता ( निलेश बेरा)

बहरागोड़ा प्रखंड के खंडामौदा गांव स्थित गोपबंधु चौक एवं गोपाबंधु पाठागार परिसर में गुरुवार को उत्कल मणि पंडित गोपाबंधु दास की 97वीं श्राद्ध वार्षिकी मनाई गई। इस अवसर पर गांव के लोगों और गोपबंधु मूर्ति स्थापना समिति के सदस्यों ने श्रद्धा और सम्मान के साथ उनके आदर्शों को याद किया।


मूर्ति पर माल्यार्पण कर दी गई श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत पंडित गोपाबंधु दास की मूर्ति पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पण से हुई। श्रद्धांजलि सभा में समिति के सदस्यों और ग्रामीणों की भागीदारी रही, जिन्होंने उनके जीवन और विचारों को नमन किया।


वक्ताओं ने गोपाबंधु दास के जीवन मूल्यों पर डाला प्रकाश

इस अवसर पर वक्ताओं में मनोरंजन गिरि, लक्ष्मण चंद्र गिरि और रतिकांत सीट ने गोपाबंधु दास की जीवनी और समाज के प्रति उनके महान योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पंडित गोपाबंधु दास केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक, शिक्षक और पत्रकार के रूप में भी अपनी अमिट छाप छोड़ गए।


ग्रामीणों की रही प्रभावशाली उपस्थिति

कार्यक्रम में अर्नव बरण मिश्र, हरिपद पाल, गदाधर नायक, शशांक शेखर पाल, दीप्ति षाड़ंगी, बनमाली बेरा, समाय सिंह, श्याम सुंदर बारिक, शिवशंकर माईती, सूरजा मुंडा, छोटू मुंडा, राम बाग, संजय दास, वेनुधारी मंडल, निर्मल मंडल, विजय कुमार रथ, मोतीलाल महापात्र, सुकरा बेरा, शेख मुश्ताक हुसैन, धीरेंद्र माईती, सुखेंदु बेरा समेत गोपाबंधु पाठागार के सभी सदस्य एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।


कार्यक्रम का उद्देश्य

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गोपाबंधु दास के विचारों और कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना और गांव में सामाजिक चेतना को मजबूत करना रहा। समिति द्वारा हर वर्ष इस तिथि को स्मरण दिवस के रूप में मनाने की परंपरा निभाई जाती है।