जमशेदपुर संवाददाता : उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार समाहरणालय सभागार में कृषि, उद्यान, मत्स्य और सहकारिता विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य मॉनसून के आगमन के साथ कृषि योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और किसानों को आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता को प्रभावी बनाना था।
मॉनसून को देखते हुए बीज व उर्वरक वितरण तेज करने का निर्देश
उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि मॉनसून की शुरुआत हो चुकी है, ऐसे में किसानों को बीज, उर्वरक और अन्य संसाधनों की समय पर आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बीज वितरण की प्रक्रिया में गति और पारदर्शिता लाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र किसान वंचित न रहे।
जैविक खेती, मिट्टी परीक्षण और बीमा योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई:
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना की स्थिति
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
- जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास
- मिट्टी परीक्षण की अद्यतन रिपोर्ट
- कृषक पंजीकरण और मौसम आधारित फसल सलाह प्रणाली
- फसल बीमा योजनाओं की कवरेज
उद्यान और मत्स्य विभाग को भी दिए गए दिशा-निर्देश
उद्यान विभाग को निर्देशित किया गया कि मधुमक्खी पालन कार्यक्रमों में तेजी लाई जाए और किसानों को प्रशिक्षण व आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
मत्स्य विभाग से मछली बीज वितरण और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
सहकारिता विभाग को किसानों को सशक्त बनाने पर दिया गया ज़ोर
सहकारिता विभाग को निर्देशित किया गया कि लैंपस के माध्यम से किसानों को सशक्त करें, फसल बीमा तथा कृषि बीज वितरण में गति लाई जाए और निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए।
“योजनाओं का लाभ हर किसान तक पहुंचे” — उप विकास आयुक्त
उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए फील्ड विजिट को प्राथमिकता दी जाए और समन्वित प्रयासों के साथ लक्ष्य के अनुरूप 100% उपलब्धि सुनिश्चित की जाए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी:
इस बैठक में निम्नलिखित पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे:
- डीडीएम नाबार्ड
- जिला कृषि पदाधिकारी
- जिला उद्यान पदाधिकारी
- जिला मत्स्य पदाधिकारी
- जिला सहकारिता पदाधिकारी
- पणन सचिव, बाजार समिति
- उप निदेशक, आत्मा
- केवीके और एलडीएम के प्रतिनिधि
- सभी प्रखंडों के कृषि व संबंधित पदाधिकारी