हाई कोर्ट की याचिका के अंतिम निर्णय पर निर्भर रहेगी वैधता, 64 रिक्त पदों पर दी गई पदोन्नति
ब्यूरो, रिपोर्ट
झारखंड सरकार ने राज्य पुलिस सेवा के 46 इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर प्रोन्नति प्रदान कर दी है। गृह विभाग द्वारा यह अधिसूचना 25 जून 2025 को जारी की गई, जिससे वर्षों से इंतजार कर रहे कई पुलिसकर्मियों को राहत मिली है।
हालांकि, यह प्रोन्नति वरियता सूची को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में लंबित एक याचिका के अंतिम आदेश से प्रभावित हो सकती है।
लंबी प्रतीक्षा के बाद मिली पदोन्नति, कई वंचितों को मिला न्याय
गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा पर आधारित है।
ज्ञात हो कि दिसंबर 2023 में 93 अधिकारियों को डीएसपी के पद पर पदोन्नति दी गई थी, लेकिन उस सूची में कई अधिकारी छूट गए थे।
उनमें से अधिकांश को इस बार उनका हक मिल गया है, जिससे वे बेहद प्रसन्न हैं।
डीएसपी के स्वीकृत पदों में 27 की वृद्धि, कुल 64 पदों पर हुई पदोन्नति
पहले 167 स्वीकृत डीएसपी पदों में से 130 पदों पर अधिकारी कार्यरत थे और केवल 37 रिक्त पदों पर प्रोन्नति की प्रक्रिया चल रही थी।
हाल ही में सरकार ने स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाकर 194 कर दी है। इसके चलते रिक्त पदों की संख्या बढ़कर 64 हो गई, और इन्हीं पर अब इंस्पेक्टर स्तर से डीएसपी रैंक में प्रोन्नति दी गई है।
इन 64 पदों में से:
- 61 पद अनारक्षित
- 01 पद अनुसूचित जनजाति (ST)
- 02 पद अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से हैं।
डीएसपी रैंक में पदोन्नति पाने वाले प्रमुख अधिकारी
पदोन्नति पाने वाले 46 अधिकारियों में शामिल हैं:
- राजीव रंजन (चाईबासा), शंभू प्रसाद गुप्ता (CID), अजय कुमार (सरायकेला), नवल किशोर सिंह (बोकारो)
- सुधीर कुमार साहू (लोहरदगा), अतीन कुमार (झारखंड जगुआर), नीरज कुमार सिंह (ATS), सतीश कुमार (CID)
- संजय कुमार-2 (जमशेदपुर), आलोक सिंह (रांची), राजकपूर (JAPTC पद्मा), विजयेता (JPA हजारीबाग)
- रामबाबू मंडल, विनय प्रसाद मंडल, मनोज कुमार (जमशेदपुर)
- ज्योत्सना (ACB रांची), राकेश कुमार गुप्ता (ATS), हरेंद्र कुमार राय (विशेष शाखा)
- मनोरंजन गिरि, सुरेश प्रसाद (CID), प्रमोद कुमार (गुमला), विनोद उरांव (विशेष शाखा) आदि।
(पुरे नामों की सुची नीचे दी गई है)




हाई कोर्ट की याचिका बना संभावित रोड़ा
प्रोन्नति से जुड़ी यह अधिसूचना फिलहाल लागू कर दी गई है, लेकिन यह झारखंड हाई कोर्ट में लंबित उस याचिका के अंतिम आदेश पर निर्भर करेगी, जिसमें वरियता सूची पर आपत्ति जताई गई है।