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विधायक हुए साइबर ठगी के शिकार: गाड़ी की नीलामी के नाम पर गंवाए 1.27 लाख रुपये

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रांची संवाददाता: झारखंड के पांकी से भाजपा विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता एक सुनियोजित साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। ठगों ने गाड़ी की नीलामी में भाग दिलाने के नाम पर विधायक से 1.27 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस संबंध में विधायक ने रांची साइबर थाना में तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

कैसे हुई ठगी?

घटना 26 जून की सुबह की है, जब विधायक मुंबई में लोकसभा की प्राक्कलन समिति की बैठक में भाग लेने गए थे। उसी दौरान करीब 9 बजे उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति रितेश का कॉल आया, जिसने खुद को GST विभाग का अधिकारी बताया।

रितेश ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के मालदा में जब्त गाड़ियों की नीलामी चल रही है और विधायक को इस नीलामी में भाग लेने का प्रस्ताव दिया। व्हाट्सएप पर कुछ गाड़ियों की तस्वीरें भेजीं और एक टोयोटा फॉर्च्यूनर की कीमत 12.70 लाख रुपये बताई। नीलामी में पंजीकरण के लिए 10% एडवांस, यानी 1.27 लाख रुपये की मांग की गई।

बैंक ट्रांसफर और फर्जी रसीद

रितेश ने आगे अनूप नामक व्यक्ति का नंबर दिया, जिसने विधायक को एक तीसरे व्यक्ति – आकाश सिन्हा – का बैंक खाता नंबर साझा किया। विधायक ने अपने निजी सहायक सरोज कुमार चटर्जी से बताए गए खाते में रकम ट्रांसफर करवा दी। पैसे भेजने के बाद उन्हें एक फर्जी रसीद भेजी गई और फिर तीनों के मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हो गए।

FIR दर्ज, जांच शुरू

जब बार-बार संपर्क करने पर भी जवाब नहीं मिला, तो विधायक ने रांची साइबर थाना में रितेश कुमार, अनूप कुमार और आकाश सिन्हा के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में यह मामला एक संगठित साइबर ठग गिरोह का प्रतीत हो रहा है, जो खुद को सरकारी अधिकारी बताकर हाई-प्रोफाइल लोगों को ठगने की कोशिश करता है।


सावधानी जरूरी:
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच, आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों दोनों के लिए यह जरूरी हो गया है कि किसी भी अनजान व्यक्ति से आए कॉल या नीलामी/लेन-देन संबंधी प्रस्तावों को पूरी तरह जांच-परख कर ही स्वीकार करें।