जमशेदपुर संवाददाता: जमशेदपुर के बिरसानगर थाना क्षेत्र स्थित विजया गार्डन में 6 नवंबर को हुई लगभग 60 लाख रुपए की चोरी की घटना के बाद अब कॉलोनीवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस चोरों को गिरफ्तार नहीं कर सकी और प्रबंधन की लापरवाही सामने आने पर रविवार को आक्रोशित निवासियों ने दो नंबर गेट को बंद कर विरोध प्रदर्शन किया।
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि विजया गार्डन में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लचर है। सुरक्षा कर्मी केवल दिखावे के लिए तैनात किए गए हैं और अधिकांश सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हुए हैं। यही कारण है कि 6 नवंबर को मर्चेंट ज्योति सिंह के घर में दिनदहाड़े चोरी की वारदात को चोरों ने आसानी से अंजाम दिया।
घटना के बाद जब सीसीटीवी फुटेज खंगालने की कोशिश की गई, तो प्रबंधन द्वारा लगाए गए कैमरे काम नहीं कर रहे थे। हालांकि, एक अन्य परिवार द्वारा लगाए गए निजी कैमरे में दो संदिग्ध चोरों की तस्वीरें कैद हुईं, लेकिन जिस मंजिल पर चोरी हुई, वहां के कैमरे बंद थे।
पीड़ित परिवार और कॉलोनीवासियों ने जब इस मामले को लेकर विजया गार्डन प्रबंधक से शिकायत की, तो उनके द्वारा उदासीन रवैया अपनाया गया। वहीं, पुलिस को फुटेज उपलब्ध कराने के बावजूद अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
निवासियों का यह भी कहना है कि लगभग एक वर्ष पहले भी कॉलोनी में छह घरों में चोरी की घटनाएं हुई थीं, लेकिन तब भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रबंधन द्वारा हर बार यह कहकर पल्ला झाड़ दिया जाता है कि अगर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई, तो अतिरिक्त खर्च कॉलोनीवासियों से वसूला जाएगा।
आक्रोशित निवासियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो कॉलोनी के अन्य गेट भी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
सूचना पाकर बिरसानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कॉलोनीवासियों को समझाते हुए कहा कि प्रबंधक और निवासियों के बीच बैठक कर जल्द समाधान निकाला जाएगा।
स्थानीय निवासी ने कहा,
“विजया गार्डन में सुरक्षा का कोई ठोस इंतजाम नहीं है। हर बार चोरी की घटना के बाद सिर्फ आश्वासन दिया जाता है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। अब हमें अपनी सुरक्षा खुद करनी पड़ रही है।”