चाकुलिया संवाददाता ( रोहन सिंह)
पश्चिम बंगाल के बासतला क्षेत्र में डाउन जनशताब्दी एक्सप्रेस की टक्कर से तीन हाथियों की दर्दनाक मौत के बाद रेलवे और वन विभाग हरकत में आ गए हैं। शनिवार को इस गंभीर घटना को लेकर मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ), हिजली के कार्यालय में एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सीसीएफ संदीप सुंदरियाल और खड़गपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के.आर. चौधरी ने की।
बैठक में दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जैसे मुख्य वन्यजीव वार्डन, मंडल वन अधिकारी (DFO) और रेलवे के अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक (संचालन) सहित विभिन्न तकनीकी विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक के मुख्य बिंदु:
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीति: बैठक का मुख्य उद्देश्य ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तात्कालिक कदम और स्थायी समाधान तलाशना था।
प्रौद्योगिकी का बेहतर उपयोग: पूर्व चेतावनी प्रणाली (Early Warning Systems), कैमरा निगरानी और गति नियंत्रण उपायों पर चर्चा की गई।
हाथी गलियारों की पहचान: ट्रेन मार्गों पर स्थित संवेदनशील वन क्षेत्रों और हाथी पारगमन मार्गों की पहचान कर विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया गया।
सामंजस्यपूर्ण कार्ययोजना: दोनों विभागों ने वन्यजीव संरक्षण और यात्री सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए समयबद्ध और समन्वित कार्ययोजना बनाने पर सहमति बनी।
स्थल निरीक्षण भी हुआ
बैठक से पूर्व आज सुबह वन और रेलवे अधिकारियों की संयुक्त टीम ने बासतला के पास घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने हादसे के कारणों की जांच कर रिपोर्ट तैयार की और सुधार के लिए संभावित उपायों पर विचार किया।
यह बैठक रेलवे और वन विभाग के बीच समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे न सिर्फ वन्यजीवों की जान बचाई जा सकेगी बल्कि रेलवे संचालन में भी बाधा कम होगी।