चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह) : चाकुलिया प्रखंड के बर्डीकानपुर-कालापाथर पंचायत में स्थित जोभी गांव, जो पश्चिम बंगाल की सीमा के पास पहाड़ी क्षेत्र में बसा है, टमाटर की खेती के लिए जाना जाता है। हर साल इस मौसम में किसान इस फसल से अच्छा मुनाफा कमाते हैं।
लेकिन इस अक्टूबर माह में हुई तीन दिनों की भारी बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जोभी गांव में इस साल लगभग 25 बीघा खेतों में टमाटर के पौधे रोपे गए थे। पौधों में फूल आने भी शुरू हो चुके थे, लेकिन लगातार हुई बारिश से अधिकांश टमाटर के पौधे बर्बाद हो गए।
किसानों का कहना है कि यह वर्ष उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। कई किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों में चुनाराम महतो, तारा पद महतो, अजय महतो, रवि महतो और अनिल महतो शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने बड़ी उम्मीद के साथ टमाटर की खेती की थी, लेकिन प्राकृतिक आपदा ने उनकी मेहनत को बेकार कर दिया।
किसानों के अनुसार, टमाटर के पौधों की कीमत प्रति पौधा 2 रुपये थी, और अब इस नुकसान की भरपाई संभव नहीं दिख रही है। इस बार की फसल खराब होने से गांव के किसान आर्थिक रूप से प्रभावित होंगे और उन्हें अगले सीजन में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।