बहरागोड़ा, संवाददाता (बापुन) — बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्वर्णरेखा नदी और रांगड़ो नाला के जलस्तर में भारी वृद्धि के कारण कई गांवों में खेत जलमग्न हो गए हैं। विशेष रूप से चित्रेस्वर, रांगुनिया, पाचांडो, गुहियापाल, महुलडंगरी और बामडोल क्षेत्रों में करीब 15 बीघा धान की फसल पूरी तरह से डूब चुकी है।
धान की फसल पर मंडरा रहा नुकसान का खतरा
स्थानीय किसानों ने बताया कि धान की रूपाई हाल ही में की गई थी, लेकिन लगातार वर्षा और जलभराव के कारण खेतों में पानी भर गया है। इससे धान के पौधों के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। खेतों में पानी लगातार भरा रहा तो आने वाले दिनों में फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है।
चित्रेस्वर गांव के किसान प्रियलाल लेंका, हेमंत घोष, शुभेंदु घोष, बिजय शामल, सामु लेंका, जानू शामल, आनंद घोष, तापस घोष, विशंबर नायक सहित कई किसानों ने बताया कि हर साल वे बारिश का इंतजार करते हैं, लेकिन इस बार पानी आशीर्वाद की बजाय आफत बन गया है।
सब्जी की खेती को भी नुकसान
केवल धान ही नहीं, बल्कि नदी किनारे की सब्जी की फसलें भी इस जलभराव से प्रभावित हुई हैं। भिंडी, लौकी, टमाटर, करेला जैसी फसलें जो खेतों में तैयार अवस्था में थीं, वे भी पानी में डूब गई हैं। इससे सब्जी उत्पादक किसान खासे परेशान हैं, क्योंकि उन्हें अब बाजार में फसल बेचने की आशा भी क्षीण लग रही है।
प्रशासन से मदद की मांग
किसानों का कहना है कि अगर जलस्तर जल्दी नहीं घटा, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मुआवज़े और फसल बीमा के तहत त्वरित सहायता की मांग की है। अभी तक किसी सरकारी प्रतिनिधि का मौके पर दौरा नहीं हुआ है, जिससे किसानों में निराशा है।