बहरागोड़ा। संवाददाता
बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सुवर्णरेखा नदी और रांगड़ो खाल का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी का पानी बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में स्थित किसानों के खेत जलमग्न हो गए हैं। इससे धान की फसल को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है।
सुवर्णरेखा नदी के किनारे स्थित गुहियापाल, महुलडांगरी, बामडोल, मधुआबेड़ा, डामजूड़ी, चित्रेश्वर, रंगुनिया, पचांडो और भातहंडिया सहित कई गांवों में सैकड़ों बीघा धान के खेत पानी में डूब गए हैं। किसानों के अनुसार, उन्होंने मशीन के जरिए खेतों में पानी पहुंचाकर धान की रोपाई की थी। अब लगातार बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने से पूरी फसल पानी में डूब गई है।
किसान प्रियलाल लेंका, हेमंत घोष, शुभेंदु घोष, विजय श्यामल, समु लेंका और झानू श्यामल समेत अन्य किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह खेतों में पानी जमा रहा तो धान के पौधे सड़ सकते हैं और पूरी फसल बर्बाद होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
सड़कें भी हुईं जलमग्न
लगातार बारिश का असर ग्रामीण सड़कों पर भी देखने को मिल रहा है। चित्रेश्वर चौक से रंगुनिया तथा पांचबढ़िया से घासपदा जाने वाली सड़क पर पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, पचांडो गांव में रांगड़ो खाल पर बनी पुलिया की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार पुलिया पहले से ही जर्जर अवस्था में है और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण इसके क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से जलभराव की स्थिति का जायजा लेने तथा जर्जर पुलिया की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान किसी बड़े हादसे की स्थिति उत्पन्न न हो।