जमशेदपुर। मानगो के वार्ड संख्या 8 स्थित चाणक्यपुरी में शुक्रवार को सुवर्णरेखा नदी के किनारे अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। नदी तट पर बने घरों को हटाने के लिए प्रशासन की ओर से कार्रवाई शुरू की गई, जिसके तहत तीन घरों को तोड़ा गया।
बताया गया कि सुवर्णरेखा नदी के तटवर्ती क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर करीब डेढ़ वर्ष पहले राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से नोटिस जारी किया गया था। इसी आदेश के आधार पर शुक्रवार को प्रशासनिक टीम चाणक्यपुरी पहुंची और चिन्हित मकानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी परेशानी रखी। परिवारों ने घर खाली करने और सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए कम से कम एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देने की मांग की। उनका कहना था कि अचानक मकान तोड़े जाने से सामान हटाने के साथ-साथ वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो रहा है।
हालांकि, प्रशासन की टीम ने NGT के निर्देश का हवाला देते हुए कार्रवाई जारी रखी। विरोध के बीच तीन मकानों को हटाया गया। कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के सामने अब रहने की जगह और पुनर्वास की समस्या खड़ी हो गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास या पुनर्वास की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।