रांची: झारखंड की राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में होने वाली है। इस बैठक में सारंडा क्षेत्र को वन्य अभयारण्य (सारंडा वाइल्डलाइफ सेंचुरी) घोषित करने का प्रस्ताव प्रमुख एजेंडे में शामिल है। मंत्रियों के समूह ने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट पर विचार-विमर्श के बाद सरकार सारंडा क्षेत्र को वन्य अभयारण्य के रूप में घोषित करने का निर्णय ले सकती है।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार को सारंडा क्षेत्र के 31,468.25 हेक्टेयर हिस्से को वन्य अभयारण्य घोषित करने की अनुमति दी थी। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में मौजूद सेल (SAIL) की खदानें और वैध माइनिंग लीज़ अभयारण्य क्षेत्र के दायरे से बाहर रहेंगी। इससे पहले राज्य सरकार ने लगभग 57,519.41 हेक्टेयर क्षेत्र को अभयारण्य बनाने की सिफारिश की थी।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सारंडा को अभयारण्य घोषित करने से पहले स्थानीय जनजातियों की शंकाओं को दूर करना और मानव संसाधन विकास पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक क्षेत्र में पूर्ण शांति और विश्वास का माहौल नहीं बनता, निर्णय में जल्दबाजी करना उचित नहीं होगा, क्योंकि सारंडा में उग्रवाद की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
कैबिनेट बैठक में नगर निकाय चुनाव से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। पिछड़ा वर्ग आयोग ने ‘ट्रिपल टेस्ट’ की रिपोर्ट नगर विकास विभाग को सौंप दी है, वहीं राज्य चुनाव आयोग में आयुक्त की नियुक्ति भी पूरी हो चुकी है। हालांकि, कैबिनेट की अधिसूचना जारी होने के बाद ही राज्य चुनाव आयोग निकाय चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगा।
यह बैठक पहले गुरुवार के लिए तय थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसे सोमवार से आगे बढ़ाकर मंगलवार को आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार शाम हैदराबाद से रांची लौटकर बैठक की तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं।