जमशेदपुर संवाददाता (अबुआ खबर):
भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक पर्व भाई दूज आज पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरों में पूजा-पाठ और तैयारियों का दौर शुरू हो गया था। बहनों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भाइयों का तिलक किया, आरती उतारी और उनके दीर्घायु, सुख-समृद्धि तथा सफलता की कामना की।

इस अवसर पर घरों में खुशियों का माहौल देखने को मिला। बहनों ने भाइयों के लिए विशेष व्यंजन बनाए और उपहार भेंट किए। वहीं भाइयों ने भी बहनों को स्नेहपूर्वक उपहार देकर उनके प्रति अपने प्रेम और सम्मान का इज़हार किया।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे। यमुना ने उनका तिलक कर आदरपूर्वक आतिथ्य-सत्कार किया था। तभी से यह दिन यम द्वितीया या भाई दूज के रूप में मनाया जाता है।
भाई दूज का यह पावन पर्व न केवल पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करता है, बल्कि समाज में प्रेम, अपनापन और सम्मान का संदेश भी देता है। आज का दिन भाई-बहन के रिश्ते की डोर को और भी मजबूत करने वाला साबित हुआ।