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चाकुलिया के बड़ामारा में धूमधाम से मनाया गया भगवान बिरसा मुंडा का शहादत दिवस, ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह से किया नमन

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चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह) 9 जून: चाकुलिया प्रखंड के बड़ामारा पंचायत अंतर्गत बड़ामारा गांव के मुंडा टोला में सोमवार को भगवान बिरसा मुंडा का शहादत दिवस बड़े ही श्रद्धा और धूमधाम से मनाया गया। यह आयोजन एआरएसडीए क्लब के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें गांव के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भाग लेकर अपने जननायक को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की शुरुआत गांव के पुजारी कुनाराम मुंडा द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मौजूद सभी लोगों ने एक मिनट का मौन रखकर बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि दी और “भगवान बिरसा मुंडा अमर रहें” के नारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भगवान बिरसा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों को याद किया। लोगों ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, और आज भी उनका संघर्ष प्रेरणास्त्रोत है।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोगों में क्लब के सचिव खरपू मुंडा, पूर्व मुखिया गौरी शंकर मोहंती, देव नारायण हांसदा, ओम प्रकाश गोस्वामी, रितेश मुंडा, विजय मुंडा, मोती लाल मुंडा, सुगदा हांसदा, गुणाधर मुंडा, लखन मुंडा, शिबू मुंडा, पोल्टू मुंडा, गुराई मुंडा, शिवनाथ मुंडा, बापी मुंडा, चेतन मुंडा, डाकू मुंडा, शिव शंकर मुंडा, भूपेन मुंडा, मंगल चंद्र मुंडा, पूर्ण चंद्र मुंडा, विश्वनाथ मुंडा, शिव शंकर सोरेन, संध्या मुंडा, अनीता मुंडा, गौरी मुंडा, बसंती मुंडा, सुमित्रा मुंडा, अंजली मुंडा समेत कई महिला और पुरुष शामिल थे।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से उनके पदचिन्हों पर चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा सिर्फ एक ऐतिहासिक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक चेतना और आंदोलन के प्रतीक हैं, जिनकी विचारधारा आज भी प्रासंगिक है।

कार्यक्रम शांतिपूर्ण और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। अंत में सभी ने संकल्प लिया कि वे बिरसा मुंडा के दिखाए रास्ते पर चलकर समाज के विकास और एकता के लिए कार्य करते रहेंगे।