रांची, 9 जून: धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजधानी रांची के कोकर स्थित समाधि स्थल पहुंचे और श्रद्धा के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया और उनके बलिदान को याद किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा न सिर्फ एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि वे आदिवासी समाज की चेतना और आत्मगौरव के प्रतीक हैं। उनके विचार और संघर्ष आज भी राज्य को दिशा देने का काम कर रहे हैं।

हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार बिरसा मुंडा के सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। “हम उनके आदर्शों पर चलकर झारखंड को सामाजिक न्याय, समानता और विकास के पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं।”
समाधि स्थल पर मुख्यमंत्री के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा और शांति का माहौल बना रहा।
गौरतलब है कि 15 नवंबर 1875 को जन्मे भगवान बिरसा मुंडा ने बहुत ही कम उम्र में अंग्रेजों और जमींदारी व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद की थी और 9 जून 1900 को अंग्रेजों की कैद में रहकर रांची के केंद्रीय कारा में शहीद हो गए थे।
