बहरागोड़ा संवाददाता (निलेश बेरा)
बहरागोड़ा की चिकित्सा दुनिया में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। स्थानीय सिटी नर्सिंग होम के वरिष्ठ लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. चंदन सिंह ने एक दुर्लभ और अत्यंत जटिल सर्जरी कर 26 वर्षीय युवक को नया जीवन दिया। यह केस मेडिकल टर्म में “पेनाइल फ्रैक्चर विथ यूरेथ्रल इंजुरी” के रूप में जाना जाता है, जो लाखों पुरुषों में कभी-कभार देखने को मिलता है।
क्या था मामला?
युवक को अचानक असहनीय दर्द, मूत्र रुकने और लिंग में अत्यधिक सूजन की शिकायत के बाद परिजन सिटी नर्सिंग होम की इमरजेंसी में लाए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि युवक के लिंग की हड्डी (कॉर्पस कैवर्नोसा) में गंभीर दरार (फ्रैक्चर) आ गई थी और पेशाब की नली (यूरेथ्रा) भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी, जिससे रक्तस्राव हो रहा था।

कैसे हुई जटिल सर्जरी?
डॉ. चंदन सिंह ने “पेनाइल फ्रैक्चर रिपेयर विथ यूरेथ्रोप्लास्टी” नामक जटिल सर्जरी को बिना समय गंवाए अंजाम दिया। इस प्रक्रिया में लिंग की आंतरिक क्षतिग्रस्त संरचनाएं पुनः जोड़ी गईं और पेशाब की नली की सटीक मरम्मत की गई। मरीज को तीन सप्ताह के लिए कैथेटर लगाया गया ताकि मूत्रमार्ग पूरी तरह ठीक हो सके।
अब कैसी है मरीज की हालत?
सर्जरी के कुछ सप्ताह बाद मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है। वह सामान्य रूप से मूत्र त्याग कर रहा है और किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज न मिलने पर इस तरह की स्थिति से पुरुषों में स्थायी यौन अक्षमता व मानसिक तनाव उत्पन्न हो सकता था।
“यह सिर्फ एक सर्जरी नहीं, विश्वास और तकनीक की जीत है” – डॉ. चंदन सिंह
डॉ. चंदन सिंह ने बताया,
“यह सर्जरी बेहद तकनीकी और संवेदनशील थी। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मामले आमतौर पर शर्म या भय के कारण छिपा लिए जाते हैं, जिससे स्थिति और खराब हो जाती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अब सिटी नर्सिंग होम में अत्याधुनिक संसाधनों की सहायता से दुर्लभ यूरोलॉजिकल सर्जरी भी संभव है। इसका लाभ दूर-दराज़ के ग्रामीण मरीजों को उनके अपने क्षेत्र में ही मिल रहा है, जिससे उन्हें बड़े शहरों की दौड़ से राहत मिली है।
चिकित्सा जगत में बहरागोड़ा की बड़ी छलांग
यह सफलता केवल एक मरीज की जीत नहीं बल्कि बहरागोड़ा के लिए गर्व की बात है। छोटे से कस्बे में इतनी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होना पूरे इलाके के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।