कोदांईबांक, झारखंड:
नेता प्रतिपक्ष व भाजपा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बाबुलाल मरांडी ने कोदांईबांक स्थित अपने पैतृक खेतों में स्वयं धान की रोपाई कर मिसाल पेश की। पारंपरिक वेशभूषा में खेत में उतरकर उन्होंने किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा,
“खेतों में काम करना मुझे हमेशा आत्मिक संतोष और आनंद प्रदान करता है। कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और धरती से जुड़े रहने का सशक्त माध्यम है।”
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड की कृषि परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है। उनके इस कार्य ने यह संदेश भी दिया कि खेती केवल किसानों का कार्य नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है।
🔸 तस्वीरों में नेता प्रतिपक्ष हाथ में धान की बिचड़ी लिए, पानी से भरे खेत में पूरे समर्पण से रोपाई करते नजर आए।