झारखंड के बाहर उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति और पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा समेत अन्य एकलव्य व कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षा शुरू कराने को लेकर राज्य के आदिवासी कल्याण मंत्री श्री चमरा लिंडा से प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान मंत्री ने बताया कि एसटी व एससी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की राशि आवंटित हो चुकी है और संबंधित शैक्षणिक संस्थानों को धनराशि निर्गत की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ओबीसी छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में केंद्र सरकार की भागीदारी होती है, जिसकी राशि समय पर नहीं मिलने के कारण वितरण में विलंब हो रहा है। जैसे ही केंद्र से राशि प्राप्त होगी, ओबीसी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
बहरागोड़ा समेत कई एकलव्य व कस्तूरबा विद्यालयों में भवन निर्माण पूर्ण हो चुका है, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होने के कारण इस प्रक्रिया में देरी हो रही है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सितंबर 2025 तक राज्य सरकार मिशन मोड में सभी ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति कर पढ़ाई प्रारंभ कराएगी।
इस अवसर पर घाटशिला अनुमंडल के उन विद्यार्थियों की भी चर्चा हुई जो उड़ीसा के मयूरभंज जिले स्थित सीमांत इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज में अध्ययनरत हैं। तकनीकी कारणों से उनका छात्रवृत्ति आवेदन पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में मंत्री ने विभाग की तकनीकी शाखा के प्रमुख को दूरभाष पर तुरंत आवश्यक कार्रवाई कर समाधान निकालने का निर्देश दिया।
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