बहरागोड़ा संवाददाता (निलेश बेरा)
पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड में सरकारी राशन दुकानों से वितरित किए जा रहे चने की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रविवार को एक युवा सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा कर बताया गया कि क्षेत्र की कई राशन दुकानों में सड़ा हुआ और उपयोग के लायक न होने वाला चना वितरित किया जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता ने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिले के उपायुक्त को टैग करते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “गरीबों को सड़ा हुआ अनाज वितरित करना न केवल अमानवीय है, बल्कि उनके स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है। यह सरकारी योजनाओं की साख को ठेस पहुंचाता है।”
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड सरकार के स्वास्थ्य एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने संज्ञान लेते हुए पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को जांच के आदेश दिए हैं। उपायुक्त ने मामले की जांच का जिम्मा जिला आपूर्ति पदाधिकारी को सौंप दिया है।
जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि “मामले की गहराई से जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” वहीं, स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है और वे दोषियों को जल्द सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब सरकारी राशन की गुणवत्ता पर सवाल उठे हों, लेकिन इस बार सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया से उम्मीद की जा रही है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कदम उठाए जाएंगे।