बहरागोड़ा, 29 जून:
कभी-कभी प्रकृति का प्रकोप जीवन को असहाय बना देता है, लेकिन ऐसे वक्त में अगर कोई हाथ थाम ले, तो वही उम्मीद बन जाता है। बहरागोड़ा प्रखंड में बीते दो दिनों से हो रही मूसलधार बारिश ने डमजूड़ी, साकरा, गामारिया, सासन, मौदा, महुलडंगरी, माटिहाना जैसे दर्जनों गांवों को घुटनों पर ला दिया। सड़कें टूटीं, घर डूबे, पुल-पुलिया जलमग्न हो गईं—लेकिन इन सबके बीच एक आवाज़ चुपचाप इन गांवों में गूंज रही थी, एक अधिकारी की जो सिर्फ दफ्तर की कुर्सी तक सीमित नहीं रहा।

यह आवाज़ थी – प्रखंड विकास पदाधिकारी केशव भारती की।
जहाँ जरूरत थी, वहीं मौजूद थे बीडीओ
बहरागोड़ा के बीडीओ केशव भारती सुबह की पहली किरण से लेकर रात के अंधेरे तक गांव-गांव घूमते रहे। उन्होंने सिर्फ निरीक्षण नहीं किया, बल्कि लोगों की आंखों में झांक कर उनकी तकलीफें समझीं। जिनके घर उजड़ गए, उनके लिए त्रिपाल और राशन की व्यवस्था की। जिनके रास्ते बह गए, उनके लिए वैकल्पिक मार्ग बनाए। जहां पानी नहीं निकल रहा था, वहां जेसीबी मंगाकर पुलिया की सफाई करवाई।

प्रशासन नहीं, एक भरोसेमंद साथी बनकर उतरे फील्ड में
बीडीओ ने दिखाया कि प्रशासनिक पद केवल पद नहीं होता, वह जनता के साथ खड़े रहने का वादा होता है। उन्होंने हर गांव में जाकर लोगों को यह भरोसा दिलाया कि “आप अकेले नहीं हैं। प्रशासन आपके साथ है।”
बाढ़ में डूबा हर गांव, लेकिन हौसले तैरते रहे
लोगों के घरों में पानी घुस गया, कुछ परिवारों को सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी, लेकिन जब उन्होंने प्रशासन को सिर्फ निर्देश देने वाला नहीं, बल्कि हाथ बंटाने वाला पाया, तो उनमें भी हिम्मत लौटी। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने राहत शिविरों में प्रशासन का आभार जताया।
मन को छूने वाले पल:
- बीडीओ राशन के पैकेट लेकर ग्रामीणों तक पहुंचे
- बारिश में भीगते हुए टीम के साथ गांवों की गलियों में चले
- हर परिवार से व्यक्तिगत रूप से बात कर जरूरतें जानीं
- प्रशासन को लोगों ने कहा – “आप हमारे लिए देवदूत जैसे हैं”
