चाईबासा, 29 जून: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष व डुमरी विधायक जयराम महतो ने चाईबासा के ऐतिहासिक गांधी मैदान से सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद हजारों की संख्या में जनसमूह इस सभा में शामिल हुआ, जिसने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि झारखंड की ज़मीन पर बदलाव की चेतना तेज़ हो चुकी है।
“पोटो हो की धरती से उठी क्रांति की पुकार” सभा का आयोजन उसी धरती पर हुआ जिसे 1837 के कोल विद्रोह के महानायक पोटो हो की कर्मभूमि के रूप में जाना जाता है। जयराम महतो ने कहा –
“यह धरती सिर्फ स्वतंत्रता संग्राम के वीरों की ही नहीं, बल्कि झारखंड आंदोलन के नायकों की भी रही है। परंतु आज भी यह क्षेत्र विकास से कोसों दूर है। न किसी सरकार ने इसकी सुध ली, न किसी नेता ने इसकी तकदीर बदली।”
डीएमएफटी फंड पर उठाए सवाल उन्होंने कोल्हान क्षेत्र के लिए उपलब्ध अरबों रुपए के डीएमएफटी फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि –
“हर साल अरबों की राशि आती है, लेकिन हालात ऐसे हैं कि शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य की व्यवस्था दयनीय है। आखिर ये पैसा कहां जा रहा है?”
झारखंड की ज़मीन झारखंडियों की सभा में उन्होंने हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन के साथ-साथ बीजेपी और केंद्र सरकार पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा:
“झारखंड की ज़मीन सिर्फ झारखंडियों की है। कोई बाहरी व्यक्ति यहाँ आकर ज़मीन नहीं खरीद सकता। जो भी ऐसा कर रहा है, वो पूंजीपतियों के इशारे पर कर रहा है। ज़मीन गरीब बेचता है, अमीर नहीं। हम यह अन्याय नहीं सहेंगे।”
‘संघर्ष जारी रहेगा’ – जनसभा का संदेश बारिश में भी उमड़ी जनसभा में उन्होंने साफ संदेश दिया कि यह केवल शुरुआत है। जनआंदोलन का स्वरूप अब ज़मीन से जुड़ चुका है और झारखंड के असली सवालों को लेकर लड़ाई अब और तेज़ होगी।
सभा में यह प्रमुख बातें रहीं:
चाईबासा के गांधी मैदान में बारिश के बीच हुआ ऐतिहासिक जनसंग्रह
पोटो हो को दी श्रद्धांजलि, कोल विद्रोह की विरासत को याद किया गया