बहरागोड़ा (पूर्वी सिंहभूम), 1 जून — बहरागोड़ा प्रखंड की मौदा पंचायत के चौरंगी में 9.76 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित मौदा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के ठप होने से लगभग 17 गांवों के 1600 परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। योजना के अंतर्गत स्वर्णरेखा नदी से पाइपलाइन के माध्यम से पानी लाकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाता है और 3.60 लाख लीटर क्षमता की टंकी से ग्रामीणों को आपूर्ति की जाती थी। लेकिन पिछले कुछ माह से यह व्यवस्था चरमरा गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, टंकी में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं चढ़ने के कारण जलापूर्ति बाधित है। परिणामस्वरूप चड़कमारा, मौदा, बेंदा, बड़ामचुटी, कुलियंक, मधुआबेड़ा, बामडोल, पिपली, रघुनाथपुर, बड़ामचाटी, कालापड़ासिया, गोहालडीहि, दुबराजपुर सहित अन्य गांवों में लोगों को नजदीकी चापाकल या सोलर जल मीनार से पानी लाना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि पिछले साल 2 सितंबर को पीएचडी विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में जामशोला स्थित स्वर्णरेखा नदी में लगे मोटर को बदलने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए नया मोटर लगाया भी गया, लेकिन कुछ दिनों की आपूर्ति के बाद फिर से पानी आना बंद हो गया।
मौदा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का संचालन स्थानीय समिति के तहत किया जा रहा है, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण बार-बार योजना बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने पीएचईडी विभाग से जल्द समाधान की मांग की है, ताकि भीषण गर्मी में उन्हें पेयजल संकट से राहत मिल सके।