चाकुलिया संवाददाता रोहन सिंह। : चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या 2 के नामोपाड़ा टोला में पिछले सात महीनों से सोलर जलापूर्ति योजना पूरी तरह ठप पड़ी है। इस तकनीकी खराबी के कारण ग्रामीणों को लगातार पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पानी की बढ़ती समस्या को लेकर स्थानीय लोग कई बार नगर पंचायत के अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुँचा चुके थे, लेकिन समाधान न मिलने पर गुरुवार को वे सीधे अपने क्षेत्रीय विधायक समीर मोहंती से मिले।
ग्रामीणों — जिनमें रंजीत बेरा, बंकिम बेरा, पिकलू बेरा और अन्य शामिल हैं — ने विधायक समीर मोहंती को बताया कि जलमीनार बंद होने के कारण उन्हें प्रतिदिन पीने का पानी लेने के लिए आधा किलोमीटर दूर सागर बांध या बाजार इलाके तक जाना पड़ता है। गर्मी और ठंड दोनों मौसम में यह बेहद कठिन हो जाता है। कई परिवारों के लिए यह स्थिति गंभीर स्वास्थ्य संकट भी पैदा कर रही है।
विधायक ने तुरंत लिया संज्ञान, प्रशासक को दिए निर्देश
ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक समीर मोहंती ने तुरंत नगर पंचायत प्रशासक मोटाय बानरा से दूरभाष पर बात की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि समस्या के समाधान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके बाद नगर प्रबंधक अनंत खलखो, प्रभात मिंज, कनीय अभियंता रोहित लकड़ा और असीम नाथ ने मौके पर पहुंचकर जलापूर्ति योजना का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि सोलर मोटर और पाइपलाइन सिस्टम में गंभीर तकनीकी खराबी है, जिसकी वजह से पूरा प्लांट काम नहीं कर रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आवश्यक मरम्मत प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर योजना को फिर से चालू किया जाएगा।
टैंकर से पानी पहुंचाकर दी गई तात्कालिक राहत
पेयजल संकट को देखते हुए नगर पंचायत प्रशासन ने शुक्रवार को त्वरित राहत के रूप में टैंकर के माध्यम से नामोपाड़ा के प्रत्येक परिवार तक पेयजल पहुंचाया। सुबह से ही टैंकर गांव में पहुंचा और लोगों के बर्तनों, ड्रमों और टंकियों में पानी भरवाया गया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय निवासियों ने नगर पंचायत और विधायक समीर मोहंती का धन्यवाद करते हुए कहा कि लंबे समय बाद पहली बार किसी ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और तुरंत कदम उठाया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जल्द ही सोलर जलापूर्ति योजना दोबारा चालू हो जाएगी और उन्हें स्थायी समाधान मिलेगा।
सालों से चली आ रही समस्या, प्रशासन पर सवाल
ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार का निर्माण तो किया गया, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह पूरी तरह बंद हो गया। पिछले सात महीनों में कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिली।
स्थानीय लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि नगर पंचायत नियमित रूप से जलमीनार की सर्विसिंग कराए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या न उत्पन्न हो। ग्रामीणों का कहना है कि पानी जैसी मूलभूत जरूरत के लिए उन्हें परेशान होना पड़ रहा है, जो कि प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
ग्रामीणों में भरोसा—जल्द मिलेगा स्थायी समाधान
नगर प्रबंधक अनंत खलखो ने लोगों से कहा कि मरम्मत प्रक्रिया में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन सोलर जलमीनार को हर हाल में पुनः चालू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक मरम्मत कार्य पूरा नहीं होता, तब तक टैंकर के माध्यम से पानी पहुँचाने की व्यवस्था जारी रहेगी।
इस मौके पर ग्रामीण महिला समूह और सबर समुदाय की महिलाओं ने भी अधिकारियों से आग्रह किया कि पेयजल की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।