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चाकुलिया: नामोपाड़ा का पुराना सरकारी कुआँ खतरनाक स्थिति में, ग्रामीणों की शिकायत पर अधिकारियों ने लिया जायजा

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चाकुलिया। संवाददाता रोहन सिंह।
चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या तीन में वर्षों पहले बना सरकारी कुआँ अब पूरी तरह जर्जर होकर ग्रामीणों के लिए खतरा बन गया है। लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण कुएं के किनारे का चबूतरा ढह गया है, जिससे यहाँ एक बड़ा गड्ढा उभर आया है। इस कारण ग्रामीण पेयजल के संकट से जूझ रहे हैं और कुएं का उपयोग करने से भी कतराते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नामोपाड़ा का यह सरकारी कुआँ कभी क्षेत्र की जल-जीवन रेखा माना जाता था। लेकिन अब दीवारों में भारी दरारें आ गई हैं और चबूतरा टूटने से रास्ता भी असुरक्षित हो गया है। कुएं की बदहाली के चलते लोगों को वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे पानी का संकट और गहरा गया है।

कुएं की खराब स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने नगर पंचायत कार्यालय में कई बार शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि लगातार अनुरोध करने के बावजूद मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अधिकारियों से मौके पर आकर निरीक्षण करने की मांग की।

गुरुवार को नगर प्रबंधक अनंत खलको, प्रभात मिंज, कनीय अभियंता रोहित लकड़ा और असीम नाथ समेत नगर पंचायत की टीम नामोपाड़ा पहुँची। अधिकारियों ने कुएं की स्थिति देखीं और इसकी संरचना को बेहद कमजोर पाया। निरीक्षण के दौरान स्पष्ट हुआ कि कुएं की मरम्मत के लिए बड़े पैमाने पर निर्माण की आवश्यकता है।

निरीक्षण टीम ने ग्रामीणों को बताया कि वर्तमान में नगर पंचायत के पास कुएं के पुनर्निर्माण या बड़े सुधार कार्य के लिए विशेष फंड उपलब्ध नहीं है। इस कारण तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करना संभव नहीं है। अधिकारियों के इस जवाब से ग्रामीणों में निराशा देखने को मिली।

स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष एक वैकल्पिक समाधान रखा। उन्होंने कहा कि यदि इलाके में सोलर आधारित जलमीनार का निर्माण कर दिया जाए, तो पूरे टोले की पेयजल समस्या समाप्त हो सकती है। यह विकल्प कुएं के मुकाबले अधिक टिकाऊ भी होगा।

अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा कि यदि वे सोलर जलमीनार निर्माण के लिए औपचारिक आवेदन नगर पंचायत में जमा कर देते हैं, तो प्रस्ताव को आगे बढ़ाकर जल्द प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नगर पंचायत जल्द निर्णय लेकर या तो कुएं की मरम्मत शुरू करेगी या जलमीनार निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाएगी। नामोपाड़ा के लोगों का कहना है कि कई वर्षों से वे जल संकट झेल रहे हैं और अब प्रशासन से ठोस पहल की उम्मीद है।